
भोपाल, मध्यप्रदेश। भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को 41 वर्षों से उचित राहत और पुनर्वास न मिलने के विरोध में चिंगारी ट्रस्ट द्वारा विश्व विकलांगता दिवस के मौके पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान पीड़ितों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द उचित मुआवजा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और पुनर्वास की मांग उठाई।
चिंगारी ट्रस्ट के पदाधिकारी बाल कृष्ण नामदेव ने कहा, देखिए, समय जरूर गुजरा है, मगर हमें उम्मीद है कि हम इंसाफ लेकर रहेंगे। क्योंकि उम्मीद के सहारे ही इंसाफ की लड़ाई लड़ी जाती है। आज जो गैस त्रासदी से पीड़ित हमारे साथ खड़े हैं, उनमें 60 साल से कम उम्र के बहुत कम लोग हैं। अधिकांश गैस पीड़ित 60 की उम्र पार कर चुके हैं, क्योंकि 41 साल तो वैसे ही इस त्रासदी को हो चुके हैं। हमारा संघर्ष जिंदा है, और हम सब मिलकर अपने हक के लिए सड़क पर और न्यायालय में लड़ाई जारी रखेंगे।”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पीड़ितों की पीढ़ियाँ बदल गईं, लेकिन न्याय आज भी दूर है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बचे हुए मामलों का जल्द निपटारा किया जाए और गैस प्रभावित परिवारों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं और पेंशन योजनाएँ सुनिश्चित की जाएं।
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