
उदयपुर। लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA), मसूरी के 11 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) प्रशिक्षु अधिकारियों के एक दल ने सोमवार को उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान का दौरा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना था।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने देश के विभिन्न कोनों से नि:शुल्क उपचार और कृत्रिम अंग लगवाने आए दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझा। दल ने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और सेवा प्रकल्पों की विस्तृत जानकारी ली।
भ्रमण दल का विवरण
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के अनुसार, इस दल का नेतृत्व ग्रुप लीडर गोसिका पी आर और एसोसिएट ग्रुप लीडर अंकित पांडे ने किया। दल में शामिल अन्य अधिकारी थे, जिनमें हरिप्रसाथ एम, सुशांत कुमार, शिवानी मोहन, सक्षम भाटिया, पाटिल कृष्णा बब्रुवान, कुमुद मिश्रा, फरखंदा कुरैशी, दिव्यांश मीना, अभिषेक कुमार सिंह शामिल थे।
प्रशिक्षु दल ने संस्थान के बड़ी स्थित परिसर में संचालित कई केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण किया:
चिकित्सा : इलिज़ारोव पद्धति से दिव्यांगों के उपचार की प्रक्रिया और सर्जरी व्यवस्था।
कौशल विकास : दिव्यांगों के लिए संचालित सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग और कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र।
तकनीकी कार्यशाला : कृत्रिम अंग एवं कैलिपर निर्माण की आधुनिक तकनीक।
शिक्षा: नारायण चिल्ड्रन एकेडमी में निर्धन बच्चों को दी जा रही डिजिटल शिक्षा और उनके कला-कौशल का अवलोकन।
स्वागत एवं सम्मान : संस्थान निदेशक वंदना अग्रवाल ने सभी अधिकारियों का उपरणा ओढ़ाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान डॉ. विशाल अग्रवाल और डॉ. मानस रंजन साहू ने क्रमशः चिकित्सा तकनीकों और कृत्रिम अंग निर्माण के प्रकारों के बारे में तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन महिम जैन के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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