
तेहरान/तेल अवीव।
9 मार्च, 2026 की सुबह तक की स्थितियां यह स्पष्ट करती हैं कि ईरान ने न केवल अपना नया सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) चुन लिया है, बल्कि नए नेतृत्व के तहत इजरायल और उसके सहयोगियों पर हमलों की तीव्रता भी बढ़ा दी है।
मुजतबा खमेनेई : ईरान के नए ‘सुप्रीम लीडर’
ईरान की शक्तिशाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने मुजतबा खमेनेई (56) को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है।
विरासत और सत्ता : मुजतबा, पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई के पुत्र हैं, जिनकी हाल ही में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में मृत्यु हो गई थी। मुजतबा दशकों से पर्दे के पीछे रहकर सुरक्षा और आर्थिक तंत्र को संभाल रहे थे।
कट्टरपंथी रुख : उनकी नियुक्ति को ईरान के ‘हार्डलाइनर्स’ और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की जीत के रूप में देखा जा रहा है। वे अपनी सुरक्षा-केंद्रित और सख्त नीतियों के लिए जाने जाते हैं।
‘ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 4’: मिसाइलों की नई लहर
मुजतबा खमेनेई के कमान संभालते ही ईरान ने इजरायल पर हमलों का नया दौर शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन ऑनेस्ट प्रॉमिस 4’ की 29वीं लहर कहा जा रहा है।
मिसाइल संदेश: ईरानी सरकारी मीडिया (IRIB) ने ऐसी मिसाइलों की तस्वीरें साझा की हैं जिन पर लिखा है— “आपके आदेश पर, सैय्यद मुजतबा”। यह सीधे तौर पर नए नेता के प्रति सेना की निष्ठा और युद्ध जारी रखने के संकल्प को दर्शाता है।
व्यापक लक्ष्य: हमलों ने इजरायल के नेगेव रेगिस्तान, तेल अवीव और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि नए ईरानी नेता को अमेरिका की “मंजूरी” की आवश्यकता होगी, अन्यथा उनका कार्यकाल लंबा नहीं चलेगा।
चीन का बचाव: चीन ने ईरान के नेतृत्व परिवर्तन को उसका आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का विरोध किया है और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है।
खाड़ी देशों में तनाव: बहरीन की सरकारी तेल कंपनी ने ईरानी हमलों के बाद ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) घोषित कर दिया है, क्योंकि हमले में उनकी रिफाइनरी प्रभावित हुई है। सऊदी अरब और कुवैत में भी ईरानी मिसाइलों के गिरने से सैन्य और नागरिक हताहत हुए हैं।
लेबनान : ‘अल-कर्द अल-हसन’ पर प्रहार
इजरायल ने लेबनान में अपनी कार्रवाई तेज करते हुए हिजबुल्लाह के वित्तीय नेटवर्क ‘अल-कर्द अल-हसन’ की शाखाओं पर भीषण बमबारी की है। इजरायल का उद्देश्य हिजबुल्लाह को मिल रही वित्तीय मदद को पूरी तरह से रोकना है, ताकि युद्ध के मैदान में उनकी क्षमता कमजोर हो सके।
मुजतबा खमेनेई का उदय यह संकेत देता है कि ईरान में सुधार की गुंजाइश फिलहाल समाप्त हो चुकी है। नया नेतृत्व “प्रतिरोध की धुरी” (Axis of Resistance) को और मजबूत करने और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ सीधी जंग को लंबी खींचने की तैयारी में है।
अगले कुछ घंटे वैश्विक शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि इजरायल अब ईरान के नए नेतृत्व या उसके परमाणु ठिकानों को सीधे निशाना बनाता है, तो यह युद्ध परमाणु खतरे की दहलीज तक पहुंच सकता है।
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