
नई दिल्ली। विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने भारतीय विकास रणनीति और यहाँ के को-ऑपरेटिव मॉडल की जमकर प्रशंसा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस रिपोर्ट को साझा किया, जिसमें भारत के विकास दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर मिल रही पहचान के बारे में बताया गया है।
अजय बंगा ने भारत के डेयरी सहकारी मॉडल (Dairy Cooperative Model) का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए इसे ‘स्केलेबल ग्रोथ’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और बेहतर संगठन के माध्यम से कैसे ग्रामीण आजीविका में सुधार किया जा सकता है, यह भारत से सीखा जा सकता है। उन्होंने अपने निजी अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “मैं भारत में पला-बढ़ा हूँ। यहाँ की सहकारी संरचनाएं छोटे उत्पादकों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने में क्रांतिकारी भूमिका निभाती हैं।”
वाशिंगटन में विश्व बैंक और आईएमएफ की बैठकों से पहले अपने संबोधन में बंगा ने जोर देकर कहा कि विकास कोई ‘दान’ नहीं बल्कि एक सोची-समझी ‘रणनीति’ है। उन्होंने रोजगार सृजन को विकास का मूल मंत्र बताया और चेतावनी दी कि यदि दुनिया भर में बढ़ती युवा आबादी के लिए पर्याप्त अवसर पैदा नहीं किए गए, तो यह भविष्य में सामाजिक अस्थिरता और प्रवासन का कारण बन सकता है।
बंगा ने रोजगार बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश, व्यापार अनुकूल सुधार और वित्त तक आसान पहुँच का तीन सूत्रीय दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन को रोजगार के प्रमुख इंजन के रूप में रेखांकित किया।
About Author
You may also like
-
संवाद से ही संभव है समाधान : विवाद की आग में झुलसता बीएन का गौरव
-
बिहार में भाजपा युग का उदय : सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ; राबड़ी सरकार के युवा मंत्री से सीएम तक का सफर
-
ईरान युद्ध अपडेट : ट्रंप का ‘युद्ध समाप्ति’ का दावा; होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी जारी
-
न्यूज बुलेटिन : देश-दुनिया की बड़ी खबरें और ताजा अपडेट
-
बिहार में बड़े सियासी उलटफेर के बाद सम्राट चौधरी संभालेंगे सत्ता की कमान, कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ