
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष विराम (Ceasefire) को बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, यह राहत केवल दिखावटी नजर आ रही है क्योंकि ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी (Blockade) जारी रखने का सख्त फैसला लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि जब तक तेहरान बातचीत के लिए ठोस प्रस्ताव पेश नहीं करता, तब तक यह घेराबंदी खत्म नहीं होगी।
“घेराबंदी नहीं हटाई तो पूरे ईरान पर बमबारी करनी होगी”: ट्रंप
व्हाइट हाउस से मिल रही खबरों के अनुसार, ट्रंप अपने रुख पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के बदले घेराबंदी हटाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। ट्रंप ने तीखे लहजे में कहा कि यदि घेराबंदी नहीं रही, तो ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आएगा और ऐसी स्थिति में उनके पास ‘पूरे ईरान पर बमबारी’ करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
ईरान का पलटवार: “घेराबंदी युद्ध का उल्लंघन और दादागिरी”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के इस कदम को ‘युद्ध की कार्रवाई’ करार दिया है। तेहरान का कहना है कि बंदरगाहों की घेराबंदी करना सीधे तौर पर संघर्ष विराम का उल्लंघन है। ईरानी सैन्य मुख्यालय ‘खातम अल-अंबिया’ ने भी संदेश जारी किया है कि उनकी सेना किसी भी तरह के तनाव या हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर:
कच्चा तेल (Oil Prices): पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड फिलहाल 98 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।
शेयर बाजार: ट्रंप के बयानों और हॉरमुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका ने वैश्विक बाजारों को डरा दिया है। हांगकांग, सियोल और सिडनी के बाजार लाल निशान में बंद हुए।
इराक पर दबाव: ट्रंप प्रशासन ने ईरान समर्थित मिलिशिया पर दबाव बनाने के लिए इराक को होने वाली अमेरिकी डॉलर की सप्लाई और सुरक्षा सहयोग को रोकने का फैसला किया है।
कूटनीतिक गतिरोध बरकरार:
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में दोनों देशों के शामिल न होने से मामला और उलझ गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान के प्रस्ताव का इंतजार करेंगे, लेकिन साथ ही उनकी युद्ध की धमकियों ने दुनिया भर के निवेशकों और मानवाधिकार विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
About Author
You may also like
ब्रिटेन में ऐतिहासिक कार्डिफ़ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराने को लेकर सियासी घमासान: रिफ़ॉर्म यूके ने बताया ‘संस्कृति पर हमला’, कंज़र्वेटिव और लेबर ने लगाया नफ़रत फैलाने का आरोप
सच्ची पुकार पर भगवान दौड़े चले आते हैं : प्रशांत अग्रवाल
तस्वीरों में दर्ज उदयपुर का इतिहास : कैमरे के उन जांबाजों को सलाम
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर से मिलीं शुभकामनाएं : इजरायल, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस व कनाडा के राजदूतों ने सराहा भारत का सफर
जोहरान ममदानी के बाद अमेरिका में अब्दुल का जलवा…आखिर क्यों भड़के ट्रंप?
