
पटना। बिहार में रविवार से शुरू हुई सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन राजधानी पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों और पुलिस के बीच भारी हिंसक झड़प देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए ट्रेनों की पर्याप्त व्यवस्था न होने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित अभ्यर्थियों ने शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि जमकर उत्पात मचाया। उपद्रवियों ने रेलवे ट्रैक जाम कर कई ट्रेनों को रोक दिया, एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ की और पुलिस बल पर भारी पथराव किया। इस हिंसक पथराव में आईजी (IG) जितेंद्र राणा घायल हो गए हैं, जिन्हें गर्दन में चोट आई है। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल और 3 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
मध्यरात्रि शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा, ट्रैक पर डटे छात्र
पटना के जिलाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन और रेल आईजी अमरेश कुमार ने बताया कि घटना आधी रात के बाद करीब 2 बजे की है। स्टेशन पर मधुबनी एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस आकर रुकी थीं, जिनमें दरभंगा और मधुबनी जाने वाले परीक्षार्थी सवार हो रहे थे। इसी दौरान करीब 200 से 300 की संख्या में कुछ छात्र ट्रैक पर उतर आए और उन्होंने ट्रेनों को रोक दिया। वे नई एग्जाम स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग पर अड़ गए, जबकि रेलवे प्रशासन द्वारा पहले से ही दो स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा रही थीं।
डीजीपी का आश्वासन भी ठुकराया: रेल आईजी अमरेश कुमार के अनुसार, अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और रात 2:10 बजे एक स्पेशल ट्रेन भी लाकर खड़ी कर दी। पुलिस ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यह ट्रेन साढ़े चार घंटे में उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचा देगी। यहाँ तक कि बिहार डीजीपी (DGP) के निर्देश पर छात्रों को आश्वासन दिया गया कि यदि ट्रेन की देरी से किसी का एग्जाम छूटता है, तो परीक्षा री-शेड्यूल (पुनः आयोजित) की जाएगी। इसके बावजूद उपद्रवी छात्र कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे और लगातार चेन पुलिंग कर हंगामा करते रहे।
हिंसा पर उतरी भीड़, आईजी घायल; पुलिस का बल प्रयोग
समझाने का प्रयास विफल होने पर भीड़ हिंसक हो गई और ट्रेनों व पुलिसकर्मियों पर पत्थरों की बौछार कर दी। इस पथराव में आईजी जितेंद्र राणा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार संजय कुमार शर्मा ने बताया कि उपद्रवियों ने रेलवे स्टेशन और आस-पास की दुकानों में भी भारी तोड़फोड़ की, जिससे दुकानदारों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले आंसू गैस (टियर गैस) के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद भी जब उपद्रवी पटरियों से नहीं हटे, तो पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए हवा में 3 राउंड फायर किए। पुलिसिया कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटे और ट्रैक खाली कराया गया।
16 लाख से अधिक अभ्यर्थी, 500 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा में परीक्षा
इस भारी हंगामे के बाद रविवार सुबह तक स्थिति पूरी तरह सामान्य कर ली गई और सभी प्रभावित ट्रेनों को परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना किया गया। सिपाही भर्ती परीक्षा की पहली पाली की परीक्षा के लिए राज्यभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पदों का विवरण: यह मेगा भर्ती परीक्षा कुल 4,128 पदों के लिए आयोजित हो रही है, जिसमें कक्षपाल के 2,417 पद, मद्य निषेध सिपाही के 1,603 पद और चलंत दस्ता सिपाही के 108 पद शामिल हैं।
कैंडिडेट्स की संख्या: इन पदों के लिए राज्यभर के 500 परीक्षा केंद्रों पर 16 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी भाग्य आजमा रहे हैं। यह परीक्षा 17 जून तक विभिन्न शिफ्टों में संचालित होगी।
कड़े सुरक्षा नियम: भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर शिफ्ट में अलग-अलग प्रश्नपत्र और ओएमआर (OMR) शीट तैयार की है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि बिना मूल फोटो पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) के किसी भी कीमत पर केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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