
उदयपुर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जारी युवा आंदोलन के बीच अब झीलों की नगरी उदयपुर में भी सियासी और सामाजिक हवा बदलती नजर आ रही है। दिल्ली में आंदोलन ने मोदी सरकार को असहज कर रखा है, तो वहीं लंबे समय बाद उदयपुर में युवाओं के बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के हुए विशाल प्रदर्शन ने स्थानीय बीजेपी नेताओं के होश उड़ा दिए हैं।
सालों बाद यह पहला मौका है जब किसी गैर-राजनीतिक आह्वान पर इतनी बड़ी तादाद में युवाओं ने नगर निगम के टाउनहॉल में एकत्र होकर नीट (NEET) पेपर लीक, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार हल्ला बोला। आमतौर पर विपक्षी दल कांग्रेस के प्रदर्शनों में कार्यकर्ताओं के अलावा आम भीड़ कम ही नजर आती है, लेकिन टाउनहॉल में जुटी युवाओं की यह स्वतःस्फूर्त भीड़ शहर की सोच और राजनीतिक विचार में बड़े बदलाव के संकेत दे रही है।
इस पूरे प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि युवाओं ने किसी भी राजनीतिक दल या नेता का झंडा नहीं थामा। दिल्ली में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री आवास के पास धरना शुरू किया, ठीक उसी समय उदयपुर के टाउनहॉल में भी युवाओं का जुटना शुरू हो गया।
इन युवाओं ने किसी पार्टी या राजनेता के समर्थन में नारेबाजी करने के बजाय पूरी तरह से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार को केंद्र में रखकर सरकार को घेरा। बिना किसी बड़े नेता या तय राजनीतिक नेतृत्व के, कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से प्रेरित होकर युवाओं का इस तरह स्वतःस्फूर्त सड़कों पर उतरना सत्ताधारी खेमे के लिए चिंता का विषय बन गया है।
टाउनहॉल परिसर में गूंजी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, वांगचुक का मिला समर्थन
नगर निगम के उद्यान स्थित टाउनहॉल परिसर में मंगलवार शाम करीब 4 बजे से सैकड़ों छात्र, युवा और नागरिक एकत्र होने लगे। हाथों में तख्तियां लिए युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सोनम वांगचुक के पक्ष में भी नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा : देश भर के लाखों छात्र वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठते हैं। बार-बार पेपर लीक होने और अनियमितताओं से उनके भविष्य और सपनों पर गहरा असर पड़ रहा है।
छात्र आत्महत्याओं पर चिंता : वक्ताओं ने लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और उससे उपजे मानसिक तनाव के कारण छात्रों द्वारा किए जा रहे आत्मघाती कदमों पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने पूरी परीक्षा प्रणाली से युवाओं का विश्वास उठा दिया है।
प्रदर्शन को देखते हुए एहतियात के तौर पर टाउनहॉल और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
कांग्रेस ने चेतक सर्कल पर फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला
एक तरफ जहां टाउनहॉल में आम युवाओं और छात्रों का स्वतःस्फूर्त प्रदर्शन चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शहर एवं देहात जिला कांग्रेस कमेटी ने चेतक सर्कल पर विरोध प्रदर्शन किया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, , ओबीसी महिला विंग की राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य कामिनी गुर्जर, डॉ. कौशल नागदा, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, मोहसिन खान, डॉ. संजीव राजपुरोहित, अमित सुवालका और पार्षद हिदायततुल्ला सहित कई प्रमुख कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।
उदयपुर की सड़कों पर युवाओं का यह अप्रत्याशित गुस्सा और चेतक सर्कल पर कांग्रेस का आक्रामक रुख यह साफ इशारा कर रहा है कि पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षाओं तक सीमित न रहकर क्षेत्र का सबसे बड़ा सियासी और जन-आंदोलन बनता जा रहा है।
About Author
You may also like
हज-2027 : आवेदनों में कमी पर मुस्लिम महासंघ ने जताई चिंता, व्यवस्थाओं में सुधार और बुजुर्गों को किराये में 50 प्रतिशत छूट की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
‘शोध और भारत का पुनरुत्थान’ पर मंथन: भारतीय दृष्टिकोण से शोध की नई दिशा तय करने का आह्वान
न्यूज बुलेटिन : देश और संसद की बड़ी ख़बरें…
स्वरूपसागर की लहरों में जब डिगने लगे सांसों के कदम : दो साहसी युवकों और कालिका गश्ती टीम ने पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल
विद्याभवन का 95वां स्थापना दिवस : एक विचार के सौ साल, उस बरगद की कहानी, जिसकी छांव में देश का भविष्य संवरा
