
उदयपुर। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों की ओर बड़ा कदम बढ़ाते हुए एमएफएल (MFL) इंडिया लिमिटेड के साथ 6 वर्षीय रणनीतिक परिवहन अनुबंध किया है। इस समझौते के तहत कंपनी खदानों से स्मेल्टर तक कॉन्संट्रेट परिवहन के लिए अपने बेड़े में 30 हेवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक (EV) शामिल करेगी। आवश्यकतानुसार इस अनुबंध को आगे दो वर्षों के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा।
समझौते के मुताबिक, राजस्थान स्थित विश्व की सबसे बड़ी भूमिगत जिंक खदानों में शुमार रामपुरा आगूचा से लेड और जिंक कॉन्संट्रेट को स्मेल्टर तक ले जाने के लिए पारंपरिक डीजल ट्रकों के स्थान पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का चरणबद्ध उपयोग होगा। इस पूरे औद्योगिक मार्ग पर निर्बाध संचालन के लिए एमएफएल इंडिया विशेष ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित व संचालित करेगी।
सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने जताया भरोसा
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि भविष्य के जिम्मेदार खनन की पहचान इस बात से होगी कि उत्पादन और परिवहन कितना पर्यावरण-अनुकूल है। उन्होंने बताया कि ईवी और एलएनजी जैसी आधुनिक तकनीकों में निवेश बढ़ाकर कंपनी कार्बन उत्सर्जन घटाने के साथ-साथ स्थानीय ड्राइवरों की भागीदारी भी सुनिश्चित कर रही है। वहीं, एमएफएल इंडिया लिमिटेड के सीएमडी अनिल ठुकराल ने कहा कि मजबूत चार्जिंग ढांचे और योजनाबद्ध संचालन से बड़े भारी-परिवहन नेटवर्क को सफलतापूर्वक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदला जा सकता है।
ग्रीन फ्लीट में अब 232 वाहन
चालू वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने अपने नेटवर्क में 42 नए इलेक्ट्रिक वाहन जोड़े हैं। इसके साथ ही हिंदुस्तान जिंक के ग्रीन लॉजिस्टिक्स बेड़े में वाहनों की कुल संख्या 232 हो गई है, जिसमें 52 इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और 180 एलएनजी (LNG) वाहन शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने सिंदेसर खुर्द (राजपुरा दरीबा) भूमिगत खदान में बैटरी आधारित इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की शुरुआत की थी।
वर्ष 2050 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर अग्रसर हिंदुस्तान जिंक ने अपने कुल ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत तक पहुंचा दी है और संचालन में लो-कार्बन तकनीकों का लगातार विस्तार कर रही है।
About Author
You may also like
उदयपुर नगर निगम चुनाव वार्ड 59 : बीजेपी को परिसीमन के नुकसान की निर्दलीय उम्मीदवारों ने की भरपाई, चार महिला चेहरों में सीधी रार
उदयपुर नगर निगम चुनाव : वार्ड 45 में सियासत का नया व्याकरण, जनता तय करे पैमाना, हम बनेंगे वैसे ही सेवक
उदयपुर नगर निगम चुनाव वार्ड-60 : अदब के घूंघट से निकलकर वोट मांगती है सियासत
हिन्दुस्तान जिंक समर्थित घाटावाली माताजी FPC का टर्नओवर 3.03 करोड़ रुपए, ताज ग्रुप से गौअम का B2B टाई-अप
निगम चुनाव की चौखट पर ताराचंद जैन की बिसात : रिपोर्ट कार्ड से बागियों को साधने और फिर बोर्ड बनाने की चुनौती
