
उदयपुर। उदयपुर नगर निगम चुनाव के मुहाने पर खड़े शहर की सियासत में मंगलवार को शहर विधायक ताराचंद जैन की प्रेस वार्ता केवल सरकारी उपलब्धियों का ब्योरा भर नहीं थी, बल्कि यह निगम की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए बिछाई गई सोची-समझी चुनावी बिसात थी। भाजपा के जिलाध्यक्ष रहते हुए संगठन की नब्ज पर पकड़ बनाकर शहर में दो से तीन बार नगर निगम का बोर्ड बनवाने का करिश्मा दिखा चुके ताराचंद जैन के सामने इस बार खुद को साबित करने की दोहरी चुनौती है। इस बार वे केवल पर्दे के पीछे के रणनीतिकार नहीं, बल्कि शहर विधायक के रूप में भाजपा के सबसे बड़े स्थानीय चेहरे हैं और नगर निगम में पार्टी का परचम लहराने का सीधा दारोमदार उनके ही कंधों पर टिका है।
सियासी पिच पर राष्ट्रवाद और ध्रुवीकरण की धार : ‘खांजीपीर’ और ‘कलाम’ का संतुलन
चुनावी मौसम में बुनियादी मुद्दों के साथ वैचारिक ध्रुवीकरण हमेशा से प्रभावी औजार रहा है। पत्रकार वार्ता में विधायक जैन ने जिस चतुराई से राष्ट्रवाद और स्थानीय संवेदनशील मसलों को उठाया, वह उनके दीर्घकालिक राजनीतिक अनुभव को दर्शाता है:
सिर का ताज बनाम नो एंट्री : उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश से निष्ठा रखने वाला हर राष्ट्रभक्त मुस्लिम हमारे सिर का ताज है और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इसके सबसे बड़े प्रतीक हैं, लेकिन राष्ट्रद्रोहियों के लिए मन में कोई स्थान नहीं हो सकता।
खांजीपीर और कन्हैयालाल प्रकरण का जिक्र : खांजीपीर को लेकर उठे सियासी विवाद पर उन्होंने कन्हैयालाल हत्याकांड के एनआईए (NIA) जांच का हवाला देते हुए तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की याद दिलाई। चुनाव से ऐन पहले इस मुद्दे को हवा देकर उन्होंने भाजपा के कोर हिंदू वोट बैंक को एकजुट करने और विपक्षी खेमे को रक्षात्मक मुद्रा में धकेलने का सीधा दांव चला है।
ढाई साल का काम : निगम की विफलताओं के नैरेटिव की काट
नगर निकाय चुनावों में अक्सर सत्ता विरोधी रुझान (एंटी-इनकंबेंसी) का खतरा रहता है। इससे निपटने के लिए विधायक ने पिछले ढाई साल के विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त सामने रखकर जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि विकास की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है:
स्वास्थ्य और शिक्षा : 39 सरकारी स्कूलों के लिए डीएमएफटी फंड से 7 करोड़ और एमबी अस्पताल में 120 करोड़ की लागत से बनने वाले जनाना विंग की स्वीकृति को उन्होंने जनकल्याणकारी चेहरे के रूप में पेश किया।
ट्रैफिक और बॉटलनेक से राहत : दुर्गा नर्सरी और फतहपुरा चौराहे का चौड़ीकरण, आईनॉक्स व ट्राइडेंट के पास बॉटलनेक हटाना और शक्ति नगर से उदियापोल तक लिंक रोड का निर्माण सीधे तौर पर शहर के मध्यम वर्ग और व्यापारियों से जुड़े मसले हैं।
सुरक्षा व अतिक्रमण : आयड़ चौकी को थाने में बदलना, किशनपोल में डीएसपी कार्यालय और ब्रह्मपोल में 2 बीघा से अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर बाउंड्री व पार्किंग बनाना कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश देने का प्रयास है।
भावी विजन का सब्जबाग : नई एलिवेटेड रोड और मिनी सचिवालय
मतदाताओं को केवल अतीत के काम नहीं, बल्कि भविष्य के सपने भी लुभाते हैं। जैन ने उदयपुर के लिए जो आगामी खाका खींचा, वह सीधे तौर पर शहरी मतदाता की आकांक्षाओं को छूता है:
मीरा गर्ल्स कॉलेज से पुला तक एलिवेटेड रोड : शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक को बाईपास करने के लिए इस नई एलिवेटेड रोड और टेकरी-सेवाश्रम समानांतर मार्ग का प्रस्ताव बुनियादी ढांचे की राजनीति में बड़ा तुरुप का पत्ता है।
मिनी सचिवालय और 7 दिन में समाधान : सभी सरकारी दफ्तरों को एक छत के नीचे लाकर मिनी सचिवालय बनाने और नगर निगम में 7 दिनों के भीतर समस्याओं के निस्तारण की गारंटी देकर उन्होंने यह जतलाया कि यदि निगम में भाजपा का बोर्ड बनता है, तो नगर निगम का ढांचा सीधे उनके नियंत्रण में सुचारू चलेगा।
पार्किंग का नेटवर्क: चांदपोल पर मल्टीलेवल पार्किंग, करजाली हाउस और रानी रोड पर नई पार्किंग की घोषणाएं पुराने शहर और पर्यटन क्षेत्र के सबसे बड़े दर्द को छूती हैं।
क्या संगठन का पुराना जादू दोहरा पाएंगे विधायक?
ताराचंद जैन उस पीढ़ी के नेता हैं जो जमीन से उठकर विधानसभा तक पहुंचे हैं। संगठन की आंतरिक खींचतान, टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष और 80 वार्डों के जटिल सामाजिक समीकरणों को साधना उनके लिए नया नहीं है। जब वे जिलाध्यक्ष थे, तब उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिलाया था।
मगर आज हालात अलग हैं। वार्डों में टिकट कटने से नाराज लोगों की लंबी कतार है और मेयर की दावेदारी को लेकर पार्टी के भीतर भी कई धड़े सक्रिय हैं। ऐसे में विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करना दरअसल यह जतलाने की कोशिश है कि शहर के विकास की धुरी वही हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या उनका यह रिपोर्ट कार्ड और राष्ट्रवाद का दांव मतदाताओं को रिझा पाएगा, या अंदरूनी बगावत उनके ‘हैट्रिक बोर्ड’ के पुराने रिकॉर्ड के सामने दीवार बनकर खड़ी होगी।
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