
40 कलाकारों के कैनवास पर जीवंत हुई मेवाड़ की विरासत और संस्कृति
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन की ओर से सिटी पैलेस संग्रहालय में विशेष आयोजन
देशभर के चित्रकारों ने उदयपुर के स्थापत्य, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहर को रंगों से उकेरा
उदयपुर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन, उदयपुर द्वारा सिटी पैलेस संग्रहालय परिसर में आयोजित त्रिदिवसीय विशेष कला प्रदर्शनी ‘पैनोरमा उदयपुर सीज़न-3’ में मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य की मनोहारी झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 40 जाने-माने और युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मक कूची से झीलों की नगरी के सौंदर्य को कैनवास पर साकार किया।
कैनवास पर झलकी मेवाड़ की ऐतिहासिक व प्राकृतिक छटा
प्रदर्शनी में प्रदर्शित कृतियों में उदयपुर की अनूठी वास्तुकला, झीलों के घाट, महलों के झरोखे, अरावली की पर्वतमालाएं और स्थानीय लोक-संस्कृति के विभिन्न रंग देखने को मिले:
विविध शैलियों का समागम: कलाकारों ने वाटर कलर, ऑयल पेंटिंग, ऐक्रेलिक और स्केचिंग जैसी विभिन्न कला शैलियों के माध्यम से शहर के ऐतिहासिक महत्व और दैनिक जीवन की जीवंतता को अपनी अनूठी दृष्टि से अभिव्यक्त किया।
विरासत का संरक्षण और प्रोत्साहन: फाउण्डेशन के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यटन के साथ कला और कलाकारों को जोड़ना तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को मेवाड़ की कलात्मक व ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू कराना है।
पर्यटकों और कलाप्रेमियों का लगा तांता
सिटी पैलेस संग्रहालय देखने पहुंचे देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए यह प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। कलाप्रेमियों ने कलाकारों द्वारा उकेरे गए चित्रों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उदयपुर की स्थापत्य कला के विविध आयामों को एक ही मंच पर देखकर सराहना व्यक्त की।
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