उदयपुर। उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ के आने के बाद कांग्रेस में सक्रियता बढ़ी है। स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण में जिस तरह से कार्यकर्ता जुटे वो इस बात को साबित करता है। अब कार्यकारिणी में तमाम चेहरे जिलाध्यक्ष के पसंदीदा लोग हैं या यूं कहें कि इन लोगों को मनोनीत करने में जिलाध्यक्ष की रजामंदी रही है।

बहरहाल कार्यकारिणी को आने वाले चुनावों के मद्देनजर ही देखा जाएगा। शहर विधानसभा सीट से दावेदारों के बारे में सभी को मालूम हैं। यह भी लोग जानते हैं कि शहर कांग्रेस की टीम किस दावेदार के साथ खड़ी है जो सबसे नीचे वाले पायदान पर है। ऊपर जो लोग हैं उन उनको ऊपर वालों का सपोर्ट है। बहरहाल इस बार भाजपा व कांग्रेस में मुकाबला रोमांचक होने वाला है।
जहां तक कांग्रेस की कार्यकारिणी का सवाल है, उसके ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो दिखाई तो दीए के साथ देंगे, लेकिन असल में वो हवा के मिलेंगे। पार्टी की ओर से तो चंद्रयान को तो अपनी कक्षा में भेज दिया है और उसने चक्कर खाना शुरू भी कर दिया है। लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं को तो चंद्रयान की डिजाइन पर बहस करवाई जा रही है।
उधर, करीब 25 सालों के बाद भाजपा में दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है जो अब तक कांग्रेस में हुआ करती थी। दूसरी ओर कांग्रेस व बीजेपी में मोहरों को सेट करने की कवायद पर काम चल रहा है, लेकिन फिलहाल मोहरें हाथ नहीं आ रही हैं। यही मौका है जब कार्यकर्ता अपनी बात रख सकता है या मनवा सकता है। चुनावों के बाद कार्यकर्ता की कितनी कद्र होती है वो 30 सालों से देख भी रहा है और महसूस भी कर रहा है।
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