
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले से एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है, जहाँ कुराबड़ थाना क्षेत्र के कालीवली गांव में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल तीन घरों के चिराग बुझा दिए, बल्कि एक नवविवाहिता के सुहाग के साथ-साथ उसकी जिंदगी भी छीन ली। पति की मौत की खबर सुन सदमे में आई पत्नी ने भी फंदे से लटककर जान दे दी, जिसके बाद शुक्रवार को पूरे गांव की आंखों में आंसू थे जब पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।
हादसे में उजड़ गए तीन परिवार
गुरुवार रात करीब 8 बजे बस स्टैंड के पास दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में 22 वर्षीय चेतन मीणा, 22 वर्षीय हुक्मीचंद और 17 वर्षीय छात्र हेमराज की मौत हो गई। हेमराज अपने परिवार का इकलौता बेटा था और 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। गांव के तीन होनहार युवाओं की एक साथ मौत से पूरा कालीवली गांव गमगीन था, लेकिन त्रासदी यहीं नहीं रुकी।
जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सकी पत्नी
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू शुक्रवार दोपहर को सामने आया। जब गांव में तीनों युवकों के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, तभी मृतक चेतन की पत्नी प्रेमीबाई ने पति के विछोह में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। चेतन और प्रेमीबाई की शादी महज एक साल पहले हुई थी। इस खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। प्रशासन और परिजनों की मौजूदगी में दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
स्पीड ब्रेकर की कमी पर आक्रोश
इस घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ रोष है। ग्राम पंचायत के उप सरपंच वगतराम मीणा ने बताया कि इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर न होने के कारण पिछले दो-ढाई वर्षों में 6 से 7 बड़े हादसे हो चुके हैं। प्रशासन से कई बार मांग के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसकी कीमत आज इन परिवारों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
About Author
You may also like
-
वैश्विक विश्लेषण : होर्मुज की घेराबंदी और ऊर्जा युद्ध के मुहाने पर खड़ी दुनिया
-
अरावली संरक्षण पर प्रकृति शोध संस्थान की बड़ी जीत : प्रो. आर.एन. मिश्रा राष्ट्रीय समिति में नामित, प्रो. पी.आर. व्यास ने बताया गौरव का क्षण
-
उदयपुर में पंच परिवर्तन का शंखनाद : 18 मार्च से शुरू होगा भारतीय नववर्ष का महासंगम, भगवा रैलियों और सांस्कृतिक गौरव से गूंजेगी झीलों की नगरी
-
सात समंदर पार से निभाया फर्ज : कनाडा के सामरा परिवार ने उदयपुर के बुजुर्गों को समर्पित की सेवा की मंजिल
-
ईरान युद्ध 2026…यहां पढ़िए जंग-ए-मैदान की कंप्लीट रिपोर्ट