
उदयपुर। उदयपुर में भाजपा के जिलाध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली काटने से मेवाड़ में बीजेपी का पेंच फंस गया है। यही वजह है कि बीजेपी अब तक मावली में अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पा रही है। कहानी यह है कि गृहमंत्री अमित शाह के कार्यालय से श्रीमाली को उदयपुर में चुनाव की तैयारी करने का संकेत मिल गया था, लेकिन एनवक्त पर समीकरण बदल गए। अब आलाकमान मावली से चुनाव लड़ने के लिए श्रीमाली पर दबाव डाला गया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्होंने मावली जाने से इनकार कर दिया।
दरअसल मेवाड़ में बीजेपी का अभी एक भी ब्राह्मण को टिकट नहीं दिया गया है। इससे ब्राह्मण समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मावली से धर्मनारायण जोशी विधायक चुने गए थे, लेकिन उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, जैसा कि उनके करीबी सूत्रों ने बताया। अब कोई ब्राह्मण प्रत्याशी नहीं मिला तो मजबूरन पार्टी को धर्मनारायण जोशी को ही मैदान में उतारना पड़ सकता है।
पार्टी चाहे तो मांगीलाल जोशी भी विकल्प क्योंकि प्रदेशाध्यक्ष भी जिताऊ ब्राह्मण नहीं
पार्टी के पास पूर्व बीजेपी नेता मांगीलाल जोशी विकल्प हो सकते हैं जो इस वक्त जनता सेना में है। उदयपुर से लेकर मावली तक उनकी अच्छी पकड़ है। मांगीलाल जोशी ने एक चुनाव पहले मावली के लोगों के बीच जबरदस्त काम किया था। जिस प्रकार उदयलाल डांगी को आरएलपी से लाकर एक दिन में ही बीजेपी ने टिकट दे दिया तो मांगीलाल जोशी को भी पार्टी मावली से टिकट दे तो कोई बुराई नहीं है।
जोशी उदयपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और बीजेपी के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। उनकी पहचान आज भी दबंग नेता के रूप में होती है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के खिलाफ उनके गृहजिले चित्तौड़ में ही जबरदस्त एंटी इन्कंबेंसी है। वे जहां से भी चुनाव लड़ते हैं, बुरी तरह से फंस सकते हैं इसलिए पार्टी उन पर दांव नहीं खेलना चाहती है।
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