फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनावों को लेकर नामांकन दाखिल करने का सिलसिला जारी है। पिछले दो तीन दिनों में बीजेपी-कांग्रेस का शायद ही कोई ऐसा प्रत्याशी होगा, जिसके जुलूस में अपार जनसमूह न हो। यहां तक कि कुछ निर्दलीय व दक्षिणी राजस्थान में बीटीप व बाप के प्रत्याशियों की रैली में भी जबरदस्त भीड़ दिखाई दी। ऐसे में अब लोकप्रियता अंदाजा लगा पाना बहुत मुश्किल है। उदयपुर में शहर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी ताराचंद जैन व ग्रामीण से फूल सिंह मीणा ने नामांकन दाखिल किया, लेकिन उदयपुर में बीजेपी की इस रैली में स्वाभिमान पर लोग बहस करते दिखाई दिए।

इसकी वजह यह थी कि डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी प्रत्याशी का खुलकर विरोध किया। इस विरोध में स्वाभिमान रैली निकाली गई। पार्टी के नेताओं को भला बुरा कहा गया। प्रत्याशी को सनातन विरोधी तक बोल दिया। जब डेमेज कंट्रोल हुआ तो पार्टी और संघ की दुहाई देकर पार्टी प्रत्याशी के साथ हो गए। लोग यही सवाल कर रहे हैं कि क्या यही स्वाभिमान था?


About Author
You may also like
उदयसागर की छाती पर पांच साल का शाही अट्टहास
साउथ अफ्रीका के बाद भारत बना 400+ चेज करने वाला दूसरा देश : गिल के ऐतिहासिक दोहरे शतक से वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली धमाकेदार जीत
राजस्थान राज्य विश्वविद्यालय अशैक्षणिक अधिकारी-कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार
उदयपुर में रामलीला की वापसी : जब डिजिटल दौर में मंच पर उतरते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम
विधायक ताराचंद जैन की तत्परता से टला उदयपुर का जल संकट: 72 घंटे के तुगलकी फरमान पर रोक, 48 घंटे में ही होगी जलापूर्ति
