फोटो व स्टोरी : कमल कुमावत
उदयपुर। उदयपुर की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। इस शहर की खासियत यह है कि यहां महिलाएं सुरक्षित भी है और स्वावलंबी भी। यहां महिलाएं डॉक्टर, इंजीनियर्स से लेकर हर पेशे से जुड़ी हैं। अब यहां घर घर में काम कर गुजारा करने वाली महिलाएं पर्यटन व्यवसाय से जुड़ गई हैं।
उदयपुर की राजू कालबेलिया ने मजदूरी छोड़ कर ऑटो चलाना सीखा। रोटरी क्लब एलीट की महिलाओं ने जब राजू से संपर्क किया तो राजू का जीवन बदल गया। रोटरी क्लब की ओर से राजू समेत 5 महिलाओं को इलेक्ट्रिक ऑटो दिलवाया। इसकी कीमत करीब 4 लाख रुपए है। राजू और ये महिलाएं अब टूरिस्ट प्वाइंट पर खड़ी होती हैं और उन्हें साइट सीन समेत घुमाने का काम करती हैं।
दिन का 400 से 500 रुपए कमाने लगी है। पहले इतनी सप्ताह या पंद्रह दिनों में होती थी। ऑटो लेने के छह महीने बाद से इन महिलाओं ने ऑटो का कर्ज भी उतारना चालू कर दिया है।
बहरहाल इस तरह महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नगर निगम भी ऋण देने लगा है। सरकार की अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से भी महिलाएं फायदा उठा सकती हैं।
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