नई दिल्ली। नीट परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी के कारण छात्रों और विपक्ष द्वारा जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 1563 ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों के लिए रविवार को दोबारा परीक्षा आयोजित की थी। लेकिन इन 1563 छात्रों में से केवल 813 छात्रों ने ही परीक्षा दी, जबकि 750 छात्र दोबारा परीक्षा देने नहीं आए।
सुप्रीम कोर्ट ने NTA को इन छात्रों की दोबारा परीक्षा लेने का निर्देश दिया था। सात केंद्रों पर रविवार को आयोजित इस परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पुलिस और परीक्षक तैनात थे और सभी तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
इस साल की नीट परीक्षा में 23 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। 67 छात्रों द्वारा 720 में से 720 अंक प्राप्त करने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे थे। इस संदर्भ में, NTA ने ग्रेस मार्क्स पाने वाले छात्रों के नंबर घटाकर उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया।
बिहार में पुलिस नीट का पेपर लीक होने की जांच कर रही है, जबकि सीबीआई ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रों और विपक्ष द्वारा नीट की परीक्षा फिर से कराने की मांग की जा रही है।
इस घटनाक्रम के बीच, केंद्र सरकार ने NTA के महानिदेशक को हटाकर प्रदीप सिंह खरोला को नया डीजी नियुक्त किया है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय ने NTA की प्रक्रियाओं में सुधार लाने के लिए 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसके प्रमुख ISRO के पूर्व चेयरमैन और IIT कानपुर के पूर्व डायरेक्टर के. राधाकृष्णन होंगे। यह समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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