
उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक में सरकारी स्कूल की निर्माणाधीन इमारत का छज्जा गिरने से मासूम बच्ची की मौत और एक बच्ची के घायल होने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसा भले ही एक दिन पहले हुआ था, लेकिन आज विभाग ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्ती दिखाई।
शिक्षा विभाग ने छज्जा गिरने की घटना में लापरवाही मानते हुए ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। साथ ही एईएन हेम सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया और संविदा पर कार्यरत जेईएन अनिल कश्यप की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। दोनों अधिकारी लंबे समय से स्कूल भवनों के निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ था। सरियों की फिटिंग ठीक से नहीं की गई और सीमेंट-कंक्रीट भी मानक के अनुरूप नहीं था। इन्हीं खामियों के चलते निर्माणाधीन छज्जा गिरा और 11 वर्षीय बच्ची की जान चली गई, जबकि एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज गुजरात में चल रहा है।
उदयपुर एडीपीसी ननिहाल सिंह ने भी माना कि इस घटना की तकनीकी जिम्मेदारी एईएन और जेईएन की थी, हालांकि उन्होंने अपनी जवाबदेही से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दोनों को जयपुर से उच्चाधिकारियों द्वारा डेपुटेशन पर लगाया गया था और ठेकेदार की लापरवाही साफ तौर पर सामने आई है। इसी आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
फिलहाल घटना के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है और जांच जारी है। ग्रामीणों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। उनका कहना है कि घटिया निर्माण और विभागीय लापरवाही की कीमत बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
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