
उदयपुर | राजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा आयोजित ‘सखी फेस्ट’ में ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और राज्य की सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन किया गया। यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के साथ-साथ राजस्थानी कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मंच
इस उत्सव में ‘सखी’ पहल के तहत राज्यभर से आईं 25,000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। ‘सखी’ परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार दिलाने में मदद कर रही है, बल्कि उन्हें पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ने और अपने समुदायों में बदलाव लाने के लिए भी प्रेरित कर रही है।

राजस्थानी कला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन
उदयपुर स्थित जिंक सिटी में आयोजित इस मेले में 30 से अधिक इंटरैक्टिव स्टॉल लगाए गए, जहां ब्लॉक प्रिंटिंग, मिट्टी के बर्तन, कठपुतली, बुनाई, टेराकोटा कला और मिट्टी की मूर्ति निर्माण जैसे पारंपरिक शिल्पों का लाइव प्रदर्शन किया गया। यह कार्यक्रम राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने वाला साबित हुआ।
स्वाद और संगीत का मिला संगम
फेस्ट के मुख्य आकर्षणों में एक विशेष फूड कॉर्नर भी था, जिसमें राजस्थान और भारत के विभिन्न हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिला। इसके अलावा, सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निज़ामी ब्रदर्स की ग्रैंड कव्वाली नाइट, हनी शर्मा की सूफी धुनें, शुभ्रा पारीक का लोक प्रदर्शन, फिरोज खान और मुजफ्फर रहमान की तबला-खड़ताल जुगलबंदी और लोक नृत्य ने समां बांध दिया।
हिंदुस्तान जिंक की प्रतिबद्धता
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा ने इस अवसर पर कहा, “राजस्थान अवसरों की भूमि है और हमारी कंपनी इस राज्य के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम यहां न केवल रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं, बल्कि राज्य को वैश्विक स्तर पर जिंक उत्पादन का हब बनाने की दिशा में भी अग्रसर हैं।”
समाजसेवा और सतत विकास की पहल

हिंदुस्तान जिंक विभिन्न सामाजिक विकास पहलों के माध्यम से राजस्थान में 20 लाख से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, जल संरक्षण और खेल-कला को बढ़ावा देने के लिए कंपनी लगातार कार्य कर रही है। कंपनी ने अब तक राज्य के खजाने में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया है और हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए हैं।
‘जिंक पार्क’ की घोषणा
हाल ही में राजस्थान में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ में हिंदुस्तान जिंक ने दुनिया का पहला ‘जिंक पार्क’ लॉन्च करने की योजना की भी घोषणा की, जो अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा।
राजस्थान दिवस पर आयोजित यह सखी फेस्ट न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का भी उत्सव था।
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