
उदयपुर। शहर में आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय, सिंधी बाजार फुटा दरवाजा द्वारा आयोजित 40वें नि:शुल्क पंचदिवसीय आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में रोगी लाभान्वित हो रहे हैं। यह शिविर 24 मार्च से जारी है, जिसमें पंचकर्म की प्राचीन चिकित्सा विधियों से मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
शिविर प्रभारी डॉ. शोभालाल औदीच्य ने बताया कि कटिबस्ती, जानुबस्ती, ग्रीवाबस्ती, सर्वांग स्वेदन, शिरोधारा, विरेचन कर्म, नस्य कर्म और रक्तमोक्षण जैसी प्रभावी चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से सायटिका, स्पॉन्डिलाइटिस, माइग्रेन, फ्रोजन शोल्डर, जोड़ों का दर्द, घुटनों का दर्द और अन्य पुराने रोगों का उपचार किया जा रहा है।
विशेष अग्निकर्म चिकित्सा शिविर
शिविर के अंतिम दिन 29 मार्च को विशेष अग्निकर्म चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें डॉ. वीरेंद्र सिंह हाडा के मार्गदर्शन में सायटिका, एड़ी के दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस और माइग्रेन जैसी समस्याओं का उपचार किया जाएगा। अग्निकर्म एक प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें गर्म औजारों और औषधियों का उपयोग कर दर्द निवारण किया जाता है।
आयुर्वेद की ओर बढ़ता विश्वास
शिविर में उपचार प्राप्त करने वाले कई मरीजों ने राहत महसूस की और इसे आधुनिक चिकित्सा का सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प बताया। डॉ. औदीच्य ने कहा कि पंचकर्म चिकित्सा का उद्देश्य रोग को जड़ से समाप्त करना और शरीर को संतुलित अवस्था में लाना है।
शिविर का समापन, लेकिन प्रयास जारी
आज इस पंचकर्म चिकित्सा शिविर का समापन होगा, लेकिन आयोजकों ने आश्वासन दिया है कि आगे भी इस तरह के चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ उठा सकें।
स्थान: राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय, सिंधी बाजार, उदयपुर
अग्निकर्म चिकित्सा शिविर: 29 मार्च 2025
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें : शिविर प्रभारी डॉ. शोभालाल औदीच्य 9414620938
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