
उदयपुर। न्यू मेवाड़ मित्र मंडल की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी “मन्नत वाले राजा” का भव्य आगमन मुंबई के लालबाग परेल वर्कशॉप से उदयपुर में होगा। हर साल मंडल नये स्वरूप और अलौकिक रूप में बप्पा की प्रतिमा लेकर आता है। इस बार उदयपुरवासियों को इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे अनोखी गणेश प्रतिमा के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा।
मंडल के संचालक विशाल जैन ने बताया कि इस वर्ष उदयपुर की सबसे विशाल 15 फ़ुट ऊँची गणपति प्रतिमा विराजमान की जाएगी। यह प्रतिमा न केवल शहर की सबसे ऊँची होगी बल्कि अब तक का सबसे महंगा गणपति स्वरूप भी कहलाएगा। मुंबई से उदयपुर तक लाने में इस ऐतिहासिक प्रतिमा पर लगभग ₹2.65 लाख का व्यय हुआ है।
बप्पा के स्वागत हेतु 800 मीटर क्षेत्र में भव्य पंडाल सजाया जाएगा, जो उदयपुर का सबसे बड़ा और आकर्षक गणेश पंडाल होगा। यह पंडाल सूरजपोल से अस्थल मंदिर, जीनीरेत, धानमंडी, लखरा चौक और तेल बाजार गली तक विस्तृत रहेगा।
10 दिवसीय उत्सव में प्रतिदिन बप्पा को भिन्न-भिन्न आभूषणों व श्रृंगार से सजाया जाएगा। साथ ही अलग-अलग पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा, जिससे भक्तजन प्रतिदिन नये स्वरूप में बप्पा के दर्शन कर सकेंगे।
न्यू मेवाड़ मित्र मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस ऐतिहासिक आयोजन की शोभा बढ़ाएँ और बप्पा के आशीर्वाद का लाभ प्राप्त करें।
गणपति बप्पा मोरया!
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