
उदयपुर में मूसलाधार बारिश ने शहर के जनजीवन को बिल्कुल तहस-नहस कर दिया है। रात से ही मौसम का रंग बदल गया और सुबह होते ही बारिश ने अपने पुरज़ोर अंदाज़ में दस्तक दी। बारिश इतनी शिद्दत से हुई कि शहर और इसके इर्द-गिर्द के इलाक़े ज़ेरेआब हो गए। मौसम विभाग ने “येलो अलर्ट” जारी करते हुए अवाम को मुमकिना ख़तरों के बारे में आगाह किया है।
बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया, जिससे सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। सुबह-सवेरे लोग बारिश से बचने के लिए छाते लेकर बाहर निकले, और स्कूल जाने वाले बच्चे भी इसी तरह से स्कूल पहुँचे। लेकिन न्यू फतहपुरा के सेंट मेरीज कॉन्वेंट स्कूल ने बारिश की सख़्ती को देखते हुए छुट्टी का ऐलान कर दिया। कुछ वालिदैन ने अपने बच्चों की सलामती के पेश-ए-नज़र उन्हें स्कूल न भेजने का फैसला किया।
झीलों और तालाबों में पानी की सतह तेज़ी से बढ़ने लगी है, जिसके नतीजे में उदयसागर झील के गेट खोलने पड़े। झील का पानी अपने बुलंदियों पर पहुंच गया है, और जलसंसाधन महकमे ने गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी है ताकि डूब क्षेत्र में पानी की सतह काबू में रहे। मदार तालाब से आने वाला पानी आयड़ नदी के ज़रिए उदयसागर में दाखिल हो रहा है, जिससे पिछोला झील का जलस्तर भी बढ़ता जा रहा है।
मदार के दोनों तालाबों में बारिश की वजह से पानी का बहाव तेज़ हो गया है। छोटे मदार तालाब पर पांच इंच की चादर चल रही है, जिसके नतीजे में पुलिया पर पानी बहने लगा और रास्ता बंद हो गया। बुझड़ा नदी भी पूरे उफ़ान पर है, जिससे आस-पास के इलाकों में पानी की सतह और बुलंद हो रही है और देहात के लोगों को दूसरे रास्तों का रुख़ करना पड़ा।
इसी दौरान सायरा के पानेर पटवार मंडल के गोदो का गुड़ा गांव में बिजली गिरने से एक ख़ातून की दर्दनाक मौत हो गई। अनछी नामी यह ख़ातून खेत से चारा लेकर वापस आ रही थी कि अचानक बिजली गिरने से वह बेहोश होकर गिर पड़ी और वहीं पर उसका इंतिक़ाल हो गया। गांव के लोगों ने फौरन पुलिस को इत्तिला दी।
उदयपुर की इस मूसलाधार बारिश ने नदियों और तालाबों को उफ़ान पर ला दिया है और आम जनजीवन को बुरी तरह मुतास्सिर किया है। कई रास्ते बंद हो चुके हैं, और लोगों को एहतियात बरतने की सख्त ज़रूरत है।
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