
उदयपुर में शनिवार को सर्द रात थी। दुकान बंद हो चुकी थी, और भीष्म भैया रात करीब पौने बारह बजे घर गए और सो गए। दुकान के पास वाली स्ट्रीट लाइट कई दिनों से खराब थी, और अंधेरा चोरों के लिए मुफीद मौका बन चुका था। आधी रात के करीब, कुछ संदिग्ध परछाइयां दुकान के आसपास मंडराने लगीं।
चोरों ने दुकान का ताला तोड़ डाला और बड़ी सफाई से शटर खोल दिया। अंदर रखी गल्ले की नकदी, महंगे सुपारी-सिगरेट के डिब्बे, और विदेशी सिगरेट के पैकेट सब समेट लिए। यहां तक कि दुकान में रखे पसंदीदा “पान पराग” के डिब्बे भी नहीं बचे। तीस हजार रुपए नकद और दो लाख से अधिक का माल चोरी हो गया।
भीष्म भैया जब दुकान पहुंचे, तो शटर खुला देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर का मंजर देखकर उनका दिल बैठ गया। “सब लूट लिया, भाईसाहब!” उनकी आवाज कांप रही थी। आसपास के दुकानदार और राहगीर इकट्ठा हो गए। पुलिस को बुलाया गया, और एफआईआर दर्ज हुई।
पुलिस आसपास इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पान की दुकान पर हुई इस चोरी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, लेकिन भीष्म भैया ने हिम्मत नहीं हारी। उनकी दुकान फिर से गुलजार हो गई, और वो पहले से भी ज्यादा सजग हो गए।
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