
ईरान के अंदरूनी हिस्सों पर भीषण हमले, कुवैत में अमेरिकी बेस और जलमार्गों पर हमला
इजरायल-अमेरिका का कड़ा रुख : ट्रंप बोले-युद्ध नहीं रुकेगा, ईरान बिना शर्त सरेंडर करे
तेहरान/यरूशलेम/वाशिंगटन: मध्य पूर्व में तनाव अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर किए गए सिलसिलेवार हमलों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) ने अपने नागरिकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है।
ईरान के हृदय स्थल पर प्रहार : कोम और शिराज में भारी तबाही
इजरायली वायुसेना और अमेरिकी सैन्य सहयोग से ईरान के रणनीतिक शहरों पर भीषण हमले किए गए हैं।
शिराज (Shiraz): दक्षिणी ईरान के इस शहर में हुए हमलों में कम से कम 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें नागरिक भी शामिल हैं।
कोम (Qom): परमाणु और औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शहर के तीन इलाकों में मिसाइलें गिरी हैं। हमले से ठीक पहले इजरायली सेना ने वहां के नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी।
तेहरान (Tehran): इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरानी राजधानी में एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर को निशाना बनाया है, हालांकि अभी तक उस कमांडर की पहचान उजागर नहीं की गई है।
ईरानी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइलें दागी हैं। इसके साथ ही:
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): व्यापारिक दृष्टि से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग में एक जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है, जिससे उसमें भीषण आग लग गई है।
इराकी कुर्दिस्तान : ईरान ने इराक के उत्तरी हिस्से में स्थित कुर्द विपक्षी समूहों के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है, जिन्हें अमेरिका का समर्थन प्राप्त होने का संदेह है।
इजरायल पर दबाव : जनता पूछ रही ‘और कितना समय?’
भले ही इजरायली जनता युद्ध का समर्थन कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत बदल रही है।
आर्थिक क्षति : तेल अवीव के मध्य में स्थित रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) के करीब मिसाइलें गिरने से इजरायली जनता में असुरक्षा बढ़ी है।
लेबनान फ्रंट: हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष में घायल इजरायली सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेबनान से आने वाली मिसाइलें अब इजरायल के हथियारों के कारखानों और खुफिया संपत्तियों को निशाना बना रही हैं।
वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया : ट्रंप का ‘सरेंडर’ वाला अल्टीमेटम
डोनाल्ड ट्रंप: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ईरान के साथ अब कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने “बिना शर्त आत्मसमर्पण” (Unconditional Surrender) की मांग की है और ईरान में सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया है।
जर्मनी: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने चेतावनी दी है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचा, तो यूरोप में ऊर्जा संकट (Energy Crisis) गहरा जाएगा और शरणार्थियों की एक नई लहर पैदा हो सकती है।
खेल जगत : ईरानी महिला फुटबॉल टीम द्वारा राष्ट्रगान न गाने पर उन्हें स्वदेश में “गद्दार” कहा जा रहा है। FIFPRO ने खिलाड़ियों की जान को खतरा बताते हुए फीफा से सुरक्षा की मांग की है।
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