
1. मध्य रात्रि का सायरन और मिसाइलों की बारिश
जब आधी रात के बाद भारत और आसपास के क्षेत्रों में लोग गहरी नींद में थे, बहरीन और इजरायल में एयर रेड सायरन गूंज रहे थे। ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलों की एक और बड़ी लहर दागी। यरूशलेम से लेकर नेगेव के रेगिस्तान तक आसमान इंटरसेप्टर मिसाइलों और ईरानी प्रोजेक्टाइल्स की भिड़ंत से चमक उठा। जॉर्डन के आसमान में भी कई मिसाइलों को मार गिराया गया, जिसका मलबा रिहायशी इलाकों में गिरने की खबरें हैं।
2. अमेरिका की ‘भीषणतम प्रहार’ की चेतावनी
वॉशिंगटन से एक बड़ी खबर आई जिसने वैश्विक तनाव को चरम पर पहुँचा दिया। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने घोषणा की कि अमेरिका ईरान के खिलाफ “अब तक का सबसे बड़ा बमबारी अभियान” शुरू करने जा रहा है। इसका सीधा मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स और उन कारखानों को मटियामेट करना है जहाँ ये हथियार बनते हैं। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान को आर्थिक और सैन्य रूप से पंगु बनाने के लिए तैयार है।
3. लेबनान में ‘ग्राउंड वॉर’ की शुरुआत?
रात के अंधेरे में इजरायली कमांडो ने लेबनान की बेका घाटी में एक साहसी लेकिन जोखिम भरा ऑपरेशन किया। हेलीकॉप्टरों के जरिए कमांडो को सीरियाई सीमा के पास उतारा गया, जहाँ उनकी हिजबुल्लाह के लड़ाकों के साथ आमने-सामने की जंग हुई। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उन्होंने इस घुसपैठ को नाकाम किया, जबकि इजरायली हवाई हमलों में लेबनान के ‘नबी शीट’ इलाके में भारी तबाही हुई और कई लोगों की जान गई।
4. खाड़ी देशों तक पहुंचती युद्ध की लपटें
युद्ध अब केवल इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रहा।
दुबई: दुबई के ऊपर आसमान में एक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया, जिसका मलबा शहर के एक हिस्से में गिरा। प्रशासन ने इसे ‘मामूली घटना’ बताया है, लेकिन इसने वैश्विक व्यापारिक केंद्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सऊदी अरब: सऊदी सेना ने रियाद और अपने महत्वपूर्ण तेल क्षेत्रों (Shaybah oilfield) की ओर बढ़ रहे कई ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया।
5. कूटनीतिक हलचल और वैश्विक अलगाव
जहाँ एक ओर सऊदी रक्षा मंत्री और पाकिस्तान के सेना प्रमुख के बीच “ईरानी आक्रामकता” पर आपातकालीन बातचीत हुई, वहीं दूसरी ओर खेल की दुनिया से खबर आई कि इटली में चल रहे विंटर पैरालिंपिक से ईरान का एकमात्र एथलीट बाहर हो गया है। युद्ध ने न केवल सीमाओं को, बल्कि खिलाड़ियों के सपनों को भी सुरक्षित नहीं रहने दिया।
बीती रात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह संघर्ष अब केवल धमकियों तक सीमित नहीं है। अमेरिका का सीधा हस्तक्षेप और खाड़ी देशों के ऊपर मिसाइलों का गिरना संकेत दे रहा है कि आने वाले कुछ घंटे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था (विशेषकर तेल की कीमतों) के लिए बहुत भारी होने वाले हैं।
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