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मिडिल ईस्ट संकट : ईरान की ’25वीं लहर’ और ट्रंप की जवाबी हमले की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय डेस्क। मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर अपनी 25वीं लहर के तहत मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “बेहद कठोर” प्रहार की चेतावनी दी है।

1. ईरान का हमला और आंतरिक मतभेद

ईरान ने घोषणा की है कि उसने फतेह (Fatah) हाइपरसोनिक और इमाद (Emad) बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करते हुए सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है। इस बीच, ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने एक संदेश जारी कर पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी और कहा कि यदि पड़ोसी देशों की जमीन का उपयोग ईरान के खिलाफ नहीं होता है, तो वे उन पर हमले रोक देंगे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरानी नेतृत्व और IRGC के बीच नीति को लेकर मतभेद उभर रहे हैं।

2. ट्रंप की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति के बयान को “आत्मसमर्पण” करार दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा कि ईरान पर आज बहुत जोरदार हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “पूर्ण विनाश और निश्चित मृत्यु” के लिए अब उन क्षेत्रों और समूहों को भी निशाना बनाया जा सकता है जिन्हें अब तक नहीं छुआ गया था।

3. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर बड़ा हमला

यूएई के अधिकारियों के अनुसार, आज देश को निशाना बनाकर 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 121 ड्रोन दागे गए। अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया, लेकिन इस संघर्ष में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के तीन नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 112 अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।

4. लेबनान: हिजबुल्लाह और इजराइल की ओर से निकासी के आदेश

हिजबुल्लाह की चेतावनी: हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइली शहर किरयात शमोना के निवासियों को तुरंत शहर खाली कर दक्षिण की ओर जाने को कहा है।

इजराइल की कार्रवाई: इजराइली सेना ने लेबनान के तटीय शहर टायर (Tyre) के कुछ हिस्सों के लिए विस्थापन आदेश जारी किया है, यह दावा करते हुए कि वे हिजबुल्लाह से संबंधित छह इमारतों पर हमला करने वाले हैं।

5. जर्मनी का युद्ध में शामिल होने से इनकार

जर्मनी के उप-नेता (Vice Chancellor) लार्स क्लिंगबील ने अमेरिका-इजराइल के ईरान युद्ध में शामिल होने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। उन्होंने इस युद्ध की अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैधता पर सवाल उठाए हैं। यह बयान चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के रुख के विपरीत है, जिन्होंने पहले अमेरिका और इजराइल के लक्ष्यों का समर्थन किया था।

 

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