
उदयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की आगामी 486वीं जयंती के पावन अवसर पर महाराणा प्रताप स्मारक समिति, मोती मगरी द्वारा एक विशेष पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। समिति के अध्यक्ष एवं महाराणा प्रताप के वंशज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में बढ़ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करना और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है। उल्लेखनीय है कि ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया (17 जून) को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पूरे गरिमामय और श्रद्धामय वातावरण में मनाई जाएगी।
केवल पौधे लगाना नहीं, उनका संरक्षण भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी: मानवेन्द्र सिंह
पर्यावरण संरक्षण अभियान का औपचारिक शुभारंभ समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह द्वारा मोती मगरी परिसर में 10 फीट ऊँचा नीम का वृक्ष लगाकर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित देश-विदेश से आए पर्यटकों और स्मारक समिति के अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा:
“पेड़ और हरी-भरी प्रकृति हमारे जीवन का मुख्य आधार हैं। आज वैश्विक स्तर पर जिस तेजी से ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण बढ़ रहा है, उसे देखते हुए केवल औपचारिक रूप से पौधे लगाना ही काफी नहीं है। लगाए गए पौधों को सींचना, उन्हें बड़ा करना और उनका पूर्ण संरक्षण करना हम सभी की परम नैतिक जिम्मेदारी है।”
प्लास्टिक का उपयोग न करने की ली सामूहिक शपथ
कार्यक्रम के समापन पर मोती मगरी परिसर में मौजूद सभी प्रबुद्ध महानुभावों, पर्यटकों, पर्यावरण प्रेमियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने तथा दैनिक जीवन में ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ (Single-use Plastic) का उपयोग पूरी तरह बंद करने की सामूहिक शपथ ली। अभियान के दौरान सभी उपस्थित जनों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान किया और सक्रिय भागीदारी निभाते हुए प्रकृति संरक्षण के इस पुनीत कार्य में अपना उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया।
About Author
You may also like
पुस्तक विमर्श व समीक्षा: जब भूगोलवेत्ता की दृष्टि ने रचा काव्य का आईना—’प्रकृति के प्रतिबिंब’
टाउनहॉल में जब सियासत की नब्ज पर चला हास्य का नश्तर : गौरव गुप्ता ने जब पार्षदों से पूछा कमीशन का हिसाब, तो लोटपोट हुआ उदयपुर
झील के शहर में सुरों का कारवां : किसी ने तराना छेड़ा, कोई ख़्वाब बनकर नाचा, उदयपुर की शाम हुई अपने ही सितारों के नाम
तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से बदलेगा नर्सिंग का स्वरूप: गीतांजलि विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय नर्सिंग सम्मेलन; विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ रहे मौजूद
जब ज़िन्दगी से हारकर मौत की आगोश में कूद पड़ा इंसान, तब फ़रिश्ता बनकर पानी में उतरा जवान; गणगौर घाट पर थमी मौत की आहट
