उदयपुर में शिव मंदिर में तोड़फोड़ की घटना पर आक्रोश : पुलिस ने दिया असामाजिक तत्वों पर त्वरित व कठोर कार्रवाई का भरोसा

उदयपुर। शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रा नगर बीड़ा स्थित एक शिव मंदिर में बीती रात असामाजिक तत्वों द्वारा शिवलिंग को क्षतिग्रस्त किए जाने से लोगों में आक्रोश है। आस्था के केंद्र पर हुई इस अवांछित घटना से स्थानीय नागरिकों में रोष फैल गया। शुक्रवार को लोगों ने सूरजपोल थाने के बाहर एकत्रित होकर घटना पर गहरा विरोध जताया और जिम्मेदार उपद्रवियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वस्त किया कि शहर की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, कानून के तहत सख्त सजा का दिया भरोसा

थाने के बाहर उपजे जनाक्रोश को देखते हुए डीएसपी छवि शर्मा और हिरण मगरी थानाधिकारी रवींद्र चारण पुलिस जाब्ते के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों की समझाइश : पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

दोषियों पर शिकंजा : डीएसपी छवि शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिस की विशेष टीमें अज्ञात असामाजिक तत्वों की पहचान में जुट गई हैं। उन्होंने कहा कि आस्था को ठेस पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों की समझाइश और निष्पक्ष कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

आस्था के सम्मान और सुरक्षा की मांग

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि मंदिर परिसर में सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और क्षतिग्रस्त स्थल की विधिवत पुनर्स्थापना कराई जाए, ताकि आस्था का सम्मान सुरक्षित रहे।

सौहार्द और संयम की जरूरत : अपराध व्यक्ति का, समाज का नहीं

उदयपुर हमेशा से अपनी साझी विरासत, अमन और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे संवेदनशील मौकों पर यह समझना बेहद जरूरी है कि किसी भी आपराधिक कृत्य या शरारत के लिए केवल वही मुट्ठी भर असामाजिक तत्व और उपद्रवी जिम्मेदार होते हैं जो कानून को हाथ में लेते हैं। किसी एक व्यक्ति या असामाजिक तत्व की गलत हरकत की आड़ में पूरे समाज या किसी वर्ग विशेष को कटघरे में खड़ा करना न तो न्यायसंगत है और न ही सामाजिक ताने-बाने के हित में।

 

 

About Author

Leave a Reply