उदयपुर। राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया की सक्रियता देखने लायक है। उच्च सदन में उन्होंने उदयपुर डिविजन के दो ज्वलंत मुद्दों को पूरी शिद्दत के साथ उठाया।
ने उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच स्थापना का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में उठाया। सांसद गरासिया ने सदन में कहा कि उदयपुर संभाग की जनजाति बाहुल्य क्षेत्र एवं टीएसपी क्षेत्र घोषित होने के बावजूद क्षेत्र की जनता को न्याय के लिए जोधपुर तक जाना पड़ता है। उन्होंने सभापति को संबोधित करते हुए भारत सरकार के विधि मंत्री के संज्ञान में यह बात लाए कि संभाग मुख्यालय पर कई वर्षों से राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग चल रही है इस मांग को संभाग की आम जनता व बार काउंसिल द्वारा लगातार 37 वर्षों से की जा रही है। वर्तमान में संभाग के लोगों को न्याय के लिए जोधपुर हाई कोर्ट जाना पड़ता है जो कि दूर होने के साथ खर्चीला एवं समय लगने वाला होता है। उन्होंने विधि मंत्री से बदलते डिजिटल युग में उदयपुर संभाग में वर्चुअल हाई कोर्ट बेंच की स्थापना तत्काल किए जाने की भी मांग रखी, जिससे उदयपुर की जनता को अति शीघ्र लाभ मिल सके। न्याय और हक के लिए समय और खर्च बचाया जा सके।
पासपोर्ट केंद्र को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में बदला जाए
राज्यसभा सांसद श्री गरासिया ने उदयपुर क्षेत्र में पासपोर्ट सेवा केंद्र को श्रेत्रीय पासपोर्ट केंद्र में परिवर्तन किए जाने को लेकर राज्यसभा सभापति के समक्ष प्रस्ताव रखा। गरासिया ने कहा कि उदयपुर संभाग जनजाति बहुल है और केंद्र द्वारा टी एस पी क्षेत्र घोषित कर रखा है। यहां के रहवासियों को पासपोर्ट की सुविधा हेतु 2017 में पासपोर्ट सेवा केंद्र तत्कालीन विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज द्वारा प्रारंभ किया गया और उन्होंने उसे समय भरोसा दिलाया था कि 5 वर्ष बाद इस पासपोर्ट सेवा केंद्र को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के रूप में अपग्रेड कर दिया जाएगा, परंतु 7 वर्ष बीतने के पश्चात भी यह अपग्रेड नहीं हो पाया। वर्तमान में प्रतिदिन 300 से 350 आवेदन इस पासपोर्ट कार्यालय पर प्राप्त होते हैं इस हिसाब से प्रति वर्ष 50 से 60 हजार आवेदन इस कार्यालय को प्राप्त होते हैं। उन्होंने सभापति से आग्रह करते हुए कहा कि उनके माध्यम से भारत सरकार से मांग करते हैं कि उदयपुर के पासपोर्ट सेवा केंद्र को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में परिवर्तन करने का श्रम करावे जिससे इस उदयपुर के जनजाति बहुल क्षेत्र जिसमें डूंगरपुर बांसवाड़ा प्रतापगढ़ चित्तौड़ भीलवाड़ा राजसमंद पाली आदि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके।
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