
उदयपुर। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (इजराइल-ईरान संघर्ष) का सीधा असर अब झीलों की नगरी उदयपुर के पर्यटन और खान-पान उद्योग पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों द्वारा कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रोके जाने से शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के सामने ‘शटडाउन’ की नौबत आ गई है। शादियों और पर्यटन के पीक सीजन में आई इस बाधा ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, अधिकांश रेस्टोरेंट और कैफे के पास केवल 1 से 2 दिन का गैस स्टॉक शेष बचा है। तेल कंपनियों की ओर से नई बुकिंग नहीं ली जा रही है, जिससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े होटल मालिकों तक में हड़कंप मचा हुआ है।
उदयपुर होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस संकट पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
जतिन श्रीमाली (पूर्व सचिव) : “एक ओर सरकार हमें कॉमर्शियल सिलेंडर उपयोग के लिए पाबंद करती है, वहीं संकट आते ही सबसे पहले हमारी ही सप्लाई काट दी गई। उदयपुर में 500 से अधिक होटल और 1500 से अधिक रेस्टोरेंट इस समय अधर में लटके हैं।”
राजेश अग्रवाल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) : “वर्तमान में शादियों का सीजन है। सप्लाई बाधित होने से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि पर्यटकों के बीच भी शहर की छवि खराब हो रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है।”
विकल्प के तौर पर कोयला और डीजल भट्टी
गैस की किल्लत को देखते हुए कई हलवाई और पोहा-नाश्ता सेंटर संचालकों ने अब पारंपरिक और प्रदूषणकारी विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले 24 घंटों में समाधान नहीं निकला, तो वे कोयला और डीजल भट्टी का उपयोग करने को मजबूर होंगे। शास्त्री सर्किल स्थित जैन पोहा सेंटर के संचालक विनय जैन ने बताया कि सिलेंडर न मिलने की स्थिति में दुकान को कुछ दिनों के लिए बंद (शटडाउन) करना ही एकमात्र रास्ता बचेगा।
अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है बड़ा असर
उदयपुर की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर टिकी है। हजारों लोगों को रोजगार देने वाला यह क्षेत्र यदि गैस संकट के कारण बंद होता है, तो इसका सीधा असर स्थानीय राजस्व और रोजगार पर पड़ेगा।
फिलहाल शहर के व्यापारी सरकार और तेल कंपनियों के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। यदि सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो उदयपुर के खान-पान का स्वाद और पर्यटन का उत्साह दोनों ही फीके पड़ सकते हैं।
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