उदयपुर फाइल्स : सियासी होली मिलन के बीच गहराया वीडियो-कांड का रंग, चार्जशीट में खुला 12 फोल्डर्स का काला सच

उदयपुर। राजस्थान की राजनीति में हलचल मचाने वाले ‘उदयपुर फाइल्स’ मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है। सियासी होली मिलन के बीच इस चार्जशीट ने न केवल इस कथित वीडियो-कांड की गूंज को और तेज कर दिया है, बल्कि उन दावों की हवा भी निकाल दी है जिसमें इन वीडियो को ‘भ्रामक’ या ‘बनावटी’ बताया जा रहा था। पुलिस की जांच और बरामद साक्ष्यों ने अब इस मामले को एक बेहद गंभीर और सुनियोजित साजिश के रूप में स्थापित कर दिया है। मीडिया रिपोर्टस में चार्जशीट के कुछ अंशों को पेश किया गया है।

भूपालपुरा थाना पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। आरोपी ने नवंबर 2025 में एक डिजिटल घड़ी खरीदी थी, जिसमें हिडन (जासूसी) कैमरा लगा हुआ था।

12 फोल्डर और दर्जनों वीडियो : पुलिस को आरोपी के पास से कुल 12 डिजिटल फोल्डर मिले हैं, जिनमें 24 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो क्लिप सुरक्षित रखी गई थीं।

32 GB का कच्चा चिट्ठा : आरोपी ने इन वीडियो को न केवल मेमोरी कार्ड में रखा, बल्कि अपने मोबाइल फोन में अलग-अलग फोल्डर बनाकर सेव किया था।

‘AI’ थ्योरी का हुआ अंत : इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ पुलिस का तकनीकी पक्ष है। शुरुआत में पीड़ित पक्ष और चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से कही जा रही थी कि ये वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए हैं। हालांकि, पुलिस ने चार्जशीट में कहीं भी AI (Artificial Intelligence) का जिक्र नहीं किया है। पुलिस ने किसी भी वीडियो पर संदेह नहीं जताया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये वीडियो वास्तविक स्थितियों में फिल्माए गए हैं।

बेपरवाह सियासत और होली का ‘सफेद’ रंग

मामले की गंभीरता के बावजूद, राजनीतिक गलियारों में छाई चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। एक तरफ जहां गंभीर धाराओं में चार्जशीट पेश हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ संबंधित संगठन और उसके बड़े नेता इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

मंच पर वही अंदाज़: आरोपी और संदेह के घेरे में आए लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों और मंचों पर बिना किसी हिचकिचाहट के नजर आ रहे हैं।

नजरों का खेल: हाल ही में आयोजित होली स्नेह मिलन समारोह में इस कांड का असर साफ देखा गया। जहां संगठन की एकजुटता के दावे किए जा रहे थे, वहीं दबी जुबान में चर्चा थी कि कुछ लोग नजरें चुरा रहे थे, तो कुछ जानबूझकर आंखों में आंखें डालकर अपनी ‘बेगुनाही’ का प्रदर्शन कर रहे थे।

कौन है वो ‘अज्ञात’ शख्स?
चार्जशीट में यह उल्लेख है कि बरामद वीडियो में महिला एक व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक अवस्था में बातचीत करती और सोफा सेट करती दिख रही है। अब सबसे बड़ा सवाल उस ‘अज्ञात व्यक्ति’ की पहचान को लेकर है, जिसके बारे में पुलिस ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है। इस अज्ञात चेहरे के सामने आने के बाद कई और बड़े नामों पर आंच आ सकती है।

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