
फोटो : कमल कुमावत
उदयपुर (राजस्थान)।
नववर्ष विक्रम संवत और रामनवमी के पावन अवसर पर झीलों की नगरी उदयपुर के हिरण मगरी क्षेत्र में ‘शिशु भारती’ द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक एवं साहसिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सनातन परंपराओं के साथ युवाओं के अखाड़ा प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक वैभव : ‘दशावतार’ और ‘महिषासुर मर्दिनी’ का सजीव मंचन
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘दशावतार’ नृत्य नाटिका रही, जिसमें भगवान विष्णु के दस स्वरूपों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही ‘महिषासुर मर्दिनी’ नाटिका के माध्यम से माँ दुर्गा के साहस और असुर वध के दृश्य ने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया। युवाओं ने अखाड़ा प्रदर्शन के दौरान हैरतअंगेज पारंपरिक शस्त्र संचालन के करतब दिखाए, जो आत्मरक्षा और शौर्य का प्रतीक बने।
परंपरा का निर्वहन : कन्या एवं शस्त्र पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से कन्या पूजन और सामूहिक शस्त्र पूजन के साथ हुआ। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, गौरवशाली इतिहास और ‘शास्त्र एवं शस्त्र’ दोनों की महत्ता से परिचित कराना था।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन को मंगलेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी श्री अर्जुन लाला जी शर्मा का सानिध्य प्राप्त हुआ। अतिथि के रूप में प्रसिद्ध चित्रकार श्री पुष्कर लोहार, न्यायाधीश श्री भारत भूषण ओझा, MLSU के वरिष्ठ व्याख्याता एवं पत्रकार, और श्री भवानी प्रसाद झाला उपस्थित रहे। वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताया।
समारोह का समापन भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक और मातृशक्ति सम्मिलित हुई।
About Author
You may also like
सिलेंडर की ब्लैक-मार्केटिंग से दो करोड़ की घूस का खेल’: उदयपुर के महाघोटाले का नेक्सस, बिग बुल और हमारी लाचार व्यवस्था
कुर्सी, कौम और कर्तव्य : उदयपुर में नवनिर्वाचित पार्षद योगेश कुमावत का भव्य अभिनंदन
तीस बरस का सफर और लेंस में कैद मेवाड़ : फोटो जर्नलिस्ट कमल कुमावत की नज़र से झीलों की नगरी का जादुई संसार
विश्व पर्यटन दिवस पर सिटी पैलेस में सजी पैनोरमा उदयपुर सीज़न-3 कला प्रदर्शनी
पर्दे के पीछे : 272 भूखंडों का सिंडिकेट और दो करोड़ का हफ्ता
