
उदयपुर/बेंगलुरु।
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति और प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. जे.पी. शर्मा का शनिवार को बेंगलुरु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से शैक्षिक जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व कुलपति प्रो अमेरिका सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा जगत के लिए यह बहुत बड़ी क्षति है, जिसकी पूर्ति होना असंभव है। वे एक महान शिक्षक और प्रशासक थे।
प्रो. जे.पी. शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान सुखाड़िया विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने कई अकादमिक सुधार देखे और अनुसंधान (Research) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।
कुशल प्रशासक: उन्हें एक ऐसे कुलपति के रूप में जाना जाता था जो नियमों के प्रति सख्त लेकिन विद्यार्थियों और स्टाफ के प्रति सदैव संवेदनशील रहते थे।
शैक्षणिक योगदान: कुलपति बनने से पहले और बाद में भी, उन्होंने वाणिज्य और प्रबंधन (Commerce & Management) के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण शोध पत्र और पुस्तकें लिखीं, जो आज भी शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक हैं।
श्रद्धांजलि और शोक संवेदनाएं
उनके निधन पर सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति, रजिस्ट्रार, शिक्षकों और छात्र संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी उनके पूर्व छात्र और सहयोगी उन्हें एक “सच्चा मार्गदर्शक और कर्मठ व्यक्तित्व” बताकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
“ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
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