
दुबई/वॉशिंगटन/यरूशलेम |
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुका है। शनिवार को यमन के हूती विद्रोहियों ने इस युद्ध में अपनी सीधी भागीदारी की घोषणा कर दी है, वहीं ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला बोला है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी इस जंग ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
यमन का इजरायल पर पहला बैलिस्टिक हमला
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उन्होंने इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के दक्षिणी हिस्से में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हूतियों का कहना है कि यह उनका इजरायल पर पहला सीधा प्रहार है। हालांकि, इजरायल ने इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हूती अब ‘बाब अल-मंडेब’ जलडमरूमध्य को बंद कर वैश्विक व्यापार को चोट पहुँचा सकते हैं।
यूएई पर ईरान का बड़ा प्रहार: 57 मिसाइल और ड्रोन दागे
शनिवार सुबह ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी और प्रमुख ठिकानों पर भीषण हमला किया।
हमले का विवरण : यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलें और 37 आत्मघाती ड्रोन दागे।
हताहत : हालांकि यूएई ने अधिकांश हमलों को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन इस युद्ध की शुरुआत से अब तक यूएई में 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें भारतीय, पाकिस्तानी और नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।
नाटो एक कागज का शेर है – डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध के बीच एक बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। उन्होंने नाटो (NATO) देशों के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा-मैंने हमेशा कहा है कि नाटो एक कागज का शेर (Paper Tiger) है। हम हमेशा उनकी मदद करते हैं, लेकिन जब हमें जरूरत होती है, तो वे कभी खड़े नहीं होते। मैं उनके रवैये से बेहद निराश हूं। ट्रंप के इस बयान से पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन में दरारें और गहरी होने की आशंका है।
इजरायल और इराक में हाई अलर्ट
इजरायल : मध्य इजरायल के एश्टाओल समुदाय पर हुए ईरानी हमले में 5 लोग घायल हुए हैं। तेल अवीव की इमारतों पर क्लस्टर बमों के गिरने के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनकी पुष्टि अल जजीरा ने की है।
इराक : सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इराक ने अपना पूरा हवाई क्षेत्र (Airspace) 31 मार्च तक बंद कर दिया है। अब कोई भी विमान इराक के ऊपर से उड़ान नहीं भर सकेगा।
यूक्रेन और कतर का रक्षा समझौता
इसी बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दोहा की यात्रा की, जहाँ यूक्रेन और कतर ने रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश अब मिसाइल और ड्रोन रोधी तकनीक में एक-दूसरे की मदद करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ईरान इस युद्ध को केवल सैन्य नजरिए से नहीं, बल्कि ‘पवित्र प्रतिरोध’ (Sacred Resistance) की विचारधारा के साथ लड़ रहा है। यही कारण है कि अमेरिकी और इजरायली दबाव के बावजूद ईरान और उसके सहयोगी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
About Author
You may also like
चित्तौड़ प्रांत : विरेन्द्र सिंह सोलंकी भारत तिब्बत सहयोग मंच के प्रदेश महामंत्री नियुक्त
महाशक्तियों की महामुलाकात : बीजिंग के रेड कार्पेट से तय होगी वैश्विक राजनीति और नई टेक-इकॉनमी की दिशा
राजस्थान ब्यूरोक्रेसी में महा-फेरबदल : 187 RAS अधिकारियों के तबादले, देखें पूरी सूची और नवीन पदस्थापन
उदयपुर का मान : नेशनल पेंचक सिलाट सेमिनार के लिए मनीष सालवी का चयन, श्रीनगर में लेंगे आधुनिक प्रशिक्षण
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में निधन : लखनऊ के सिविल अस्पताल में ली अंतिम सांस, सीएम योगी ने जताया शोक
