आईसीएआर प्रबंधन मंडल में उदयपुर के डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ नामित : कृषि शिक्षा, अनुसंधान और सौर ऊर्जा नवाचार को मिलेगी नई गति

 

नई दिल्ली/ उदयपुर। देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के प्रबंधन मंडल में सदस्य नामित किया गया है। यह मनोनयन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया।

डॉ. राठौड़ अपने दूरदर्शी नेतृत्व, सशक्त प्रशासन, और कृषि नवाचारों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। वे ICAR के पूर्व उप महानिदेशक और MPUAT, उदयपुर के पूर्व कुलपति रह चुके हैं। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के वे संस्थापक कुलगुरु भी रहे हैं।

राजस्थान के कृषि क्षेत्र में उनके कार्य व्यापक और प्रभावशाली रहे हैं। कुलगुरु रहते हुए कृषि शिक्षा में सुधार के लिए उनके प्रयासों पर उन्हें राजभवन द्वारा प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ कुलगुरु सम्मान मिला था।

सौर ऊर्जा के प्रचार में अग्रणी भूमिका

डॉ. राठौड़ ने कृषि के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने खेतों में सौर ऊर्जा तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया। किसानों को सोलर पंप, सोलर ड्रायर और ऊर्जा-बचत उपकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कई विश्वविद्यालयों में सौर ऊर्जा आधारित मॉडल स्थापित करवाए। उनकी यह पहल कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और भविष्य-ready बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

व्यक्तित्व जो प्रेरित करता है

सरल, सहज, लेकिन निर्णयों में दृढ़—यह उनकी पहचान है। वे शोध को जमीन से जोड़ने में विश्वास रखते हैं। युवा वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में सदैव आगे रहते हैं। उनका उद्देश्य स्पष्ट है—भारतीय कृषि को तकनीक, शिक्षा और ऊर्जा नवाचार से मजबूत बनाना।

अपने मनोनयन पर डॉ. राठौड़ ने ICAR महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट और IARI निदेशक डॉ. सी. एच. श्रीनिवासा राव के प्रति आभार व्यक्त किया। कृषि वैज्ञानिकों ने उनके चयन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे परिषद की नीतियों में नई ऊर्जा और दिशा आएगी।

डॉ. राठौड़ ने कहा कि वे कृषि शिक्षा, अनुसंधान, प्रसार और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य है—किसान-केंद्रित, तकनीक-संचालित और ऊर्जा-सक्षम कृषि व्यवस्था का निर्माण।

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