ईरान-इजराइल युद्ध…क्या हो रहा है…यहां पढ़िए

ताजा स्थिति :

अबू धाबी में इंटरसेप्ट की गई मिसाइल के मलबे से 2 लोगों की मौत हुई है।

हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में 7 इजराइली टैंकों को निशाना बनाने का दावा किया है।

इजराइली सेना ने अपने एक और सैनिक के मारे जाने की पुष्टि की है।

रियाद/तेहरान/तेल अवीव।

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के अधिकारी आज रियाद में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच सैन्य टकराव चरम पर पहुंच गया है।


मिसाइल हमले और तबाही: ईरान ने इजराइल के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों को निशाना बनाकर मिसाइलों की बौछार कर दी है। इजराइल के तेल अवीव और शेरोन क्षेत्र में कई मिसाइलें गिरी हैं, जिससे संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है और कम से कम दो लोग घायल हुए हैं।

परमाणु बुनियादी ढांचे पर हमला: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजराइल के सैन्य नियंत्रण केंद्रों और मृत सागर (Dead Sea) के दक्षिण में स्थित परमाणु बुनियादी ढांचे से जुड़े उद्योगों पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला किया है।

GCC देशों पर संकट: रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक ईरान की ओर से दागे गए 85% प्रोजेक्टाइल GCC देशों की ओर रहे हैं। रियाद में होने वाली बैठक में इन हमलों पर साझा प्रतिक्रिया और नई सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा होगी।

आर्थिक प्रभाव: युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर हीलियम की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे MRI स्कैन और सेमीकंडक्टर उद्योग पर संकट मंडरा रहा है। कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। दक्षिण कोरिया ने स्थिति से निपटने के लिए 17 अरब डॉलर का ‘युद्धकालीन’ पूरक बजट जारी करने की घोषणा की है।

कूटनीतिक तनाव: अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह हार स्वीकार करे वरना उसे अब तक के सबसे “कठोर प्रहार” का सामना करना होगा। वहीं, ईरान ने बातचीत की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया है।

होर्मुज के बाद अब बाब-अल-मंदेब बंद करने की धमकी, खार्ग आइलैंड पर हमले की आहट से भड़का तेहरान

तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहाँ वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने के लिए दी गई 5 दिन की मोहलत शुक्रवार को खत्म हो रही है। इस बीच, अमेरिका द्वारा ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर जमीनी हमले की खबरों ने आग में घी का काम किया है।

बाब-अल-मंदेब : दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट खतरे में
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल ठिकानों या खार्ग द्वीप पर हमला हुआ, तो वह बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद कर देगा।

महत्व : यह रेड सी (लाल सागर) का प्रवेश द्वार है जो स्वेज नहर तक जाने वाले जहाजों के लिए एकमात्र रास्ता है। दुनिया का 12% तेल और रोजाना करीब 45 लाख बैरल कच्चा तेल यहीं से गुजरता है।

अमेरिकी बेस से दूरी: इस स्ट्रेट से अफ्रीकी देश जिबूती में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस महज 30 किमी दूर है, जिससे सीधे टकराव की संभावना बढ़ गई है।

हूती विद्रोहियों की भूमिका और सैन्य तैयारी

ईरान से यह स्ट्रेट 2500 किमी दूर है, लेकिन यमन के हूती विद्रोही ईरान के इशारे पर यहाँ ड्रोन और मिसाइल हमलों से ट्रैफिक ठप कर सकते हैं। इधर, ईरान के ब्रिगेडियर जनरल अली जहानशाही ने हुंकार भरी है कि “ईरान की जमीन का एक-एक इंच सुरक्षित है” और किसी भी जमीनी युद्ध का अंजाम अमेरिका के लिए बहुत महंगा होगा।

ट्रम्प के दावे और गिरती लोकप्रियता

सुप्रीम लीडर का ऑफर: डोनाल्ड ट्रम्प ने एक फंडरेजर इवेंट में सनसनीखेज दावा किया कि उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

घटती रेटिंग : युद्ध के कारण अमेरिका में बढ़ती तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव के चलते ट्रम्प की लोकप्रियता 40% से गिरकर 36% पर आ गई है।

ताजा सैन्य गतिविधियां :


अमेरिका: सेंट्रल कमांड ने ईरान पर मिसाइल हमलों का वीडियो जारी किया है।

ईरान : बुधवार को इजराइल के हदेरा पावर प्लांट और कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले किए गए।

सुरक्षा : ईरान ने खार्ग द्वीप पर अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम और सैनिक तैनात किए हैं।

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