
तियानजिन (चीन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय चीन यात्रा पर हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई।
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के बीच मोदी-पुतिन की गले मिलती तस्वीर ने वैश्विक सुर्खियां बटोरीं। विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर न केवल भारत-रूस की दोस्ती का प्रतीक है, बल्कि अमेरिका को भी एक मजबूत संदेश है।
https://x.com/AHindinews/status/1962344635566895107?t=SUDzwPHsepRUzUDGEKrHtQ&s=08
प्रधानमंत्री मोदी ने यह तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और लिखा कि राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा आनंददायक होता है। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा और व्यापारिक सहयोग पर चर्चा की।
समिट की मेजबानी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कर रहे हैं। इसमें भारत और रूस सहित पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेता मौजूद हैं। वहीं नेपाल, म्यांमार, तुर्किए, मालदीव, मिस्र और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस बतौर पर्यवेक्षक व साझेदार शामिल हुए।
https://x.com/PMOIndia/status/1962090242628034586?t=lTaZRmVDRRUswmf-uwRzJA&s=08
एससीओ की पृष्ठभूमि
• 1996 में “शंघाई फाइव” के रूप में स्थापना (चीन, रूस, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिजिस्तान)।
• 2001 में उज्बेकिस्तान जुड़ा और इसका नाम बदलकर “शंघाई सहयोग संगठन” रखा गया।
• भारत 2017 में पूर्ण सदस्य बना।
• वर्तमान में 10 सदस्य, 2 पर्यवेक्षक और 14 वार्ता साझेदार देश इस संगठन का हिस्सा हैं।
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