नागरिक एवं जनसंगठन के साझा मंच की ओर से फिलीस्तीनी जनता के नरसंहार के विरुद्ध धरना

उदयपुर। नागरिक एवं जन संगठन के साझा मंच उदयपुर द्वारा अन्यायकरी युद्धों तथा फिलिस्तीन जनता के नरसंहार का विरोध करने के लिए अंबेडकर चौराहा पर एक धरना देकर इजरायल द्वारा फिलिस्तीन पर थोपे गए युद्ध को तत्काल समाप्त करने की मांग की।

धरने के संयोजक मन्नाराम डांगी ने बताया कि इस अवसर पर फिलिस्तीनी नागरिकों को पानी, भोजन और दवाई की तत्काल आपूर्ति बहाल करने की विश्व समुदाय से मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई कि फिलीस्तीन को एक संप्रभु राष्ट्र घोषित किया जाए तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के दुरुपयोग को देखते हुए उसके स्थाई सदस्यों का वीटो पावर समाप्त किया जाए।

धरने को संबोधित करते हुए पीयूसीएल के एडवोकेट अरुण व्यास ने कहा है कि इजरायल के राष्ट्रपति ने अपने को युद्ध अपराधी घोषित किया जाए।
धरने में बोहरा युथ के संरक्षक आबिद अदीब में कहा फिलिस्तीनियो के विरोध में की जा रही हिंसा और दमन हिटलर के गैस चैंबरों की अमानवीयता की याद दिलाता है।

जंगल जमीन जन आंदोलन के रमेश नंदावाना में रूस यूक्रेन युद्ध का तत्काल शांतिपूर्ण समाधान करने की मांग रखी।

जनवादी मजदूर यूनियन के संरक्षक डी.एस. पालीवाल ने कहा कि पूरे विश्व में फिलिस्तीनियो के दमन के विरुद्ध आम जनता संगठित हो रही है, इसी कड़ी में उदयपुर के नागरिक संगठन भी इसराइल और अमेरिकी साम्राज्यवाद का विरोध करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

प्रोफेसर हेमेंद्र चंडालिया ने फिलिस्तीनियों के समर्थन में बोलते हुए कहा कि विश्व भर मैं जहां भी दमन और शोषण है उसके विरुद्ध एकजुटता प्रकट कर विरोध करना प्रत्येक सचेतन विश्व नागरिक का कर्तव्य है ।

धरने में वरिष्ठ पत्रकार हिम्मत सेठ, शिक्षक नेता भवर सेठ, जयंतीलाल मीणा, याकूब मोहम्मद, आर डी व्यास, बलवंत सिंह, मोहन लाल वर्मा, गुलाब नूर खान, अब्दुल सत्तार एवं मधु पालीवाल आदि भी उपस्थित हुए ।

अंत में कामरेड महेश शर्मा ने धन्यवाद दिया और जन संघर्षों के बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

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