
तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन।
जब दुनिया के कई हिस्सों में लोग सो रहे थे, उसी समय मध्य-पूर्व में युद्ध का दायरा और तेज़ हो गया। अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हमले जारी रहे, जबकि ईरान और उसके सहयोगी देशों की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इस बीच कई नए घटनाक्रम सामने आए, जिनसे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
सबसे पहले, अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को मारा गया या उन्हें धमकी दी गई तो अमेरिका बिना किसी हिचक के जिम्मेदार लोगों को खोजकर मार गिराएगा। यह बयान United States Central Command (CENTCOM) के एक वीडियो संदेश के साथ जारी किया गया, जिसमें अमेरिकी हमलों की तस्वीरें दिखाई गईं।
इस बीच अमेरिका और Israel ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। राजधानी Tehran में तेल भंडारण डिपो और रिफाइनरी पर हमलों के बाद बड़े-बड़े धमाके और आग की लपटें देखी गईं। रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों से ईरान के ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों और इज़राइल के लक्ष्यों पर नए हमले किए हैं। इन हमलों को उसने अपने अभियान “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस” की अगली कड़ी बताया।
गulf क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। सऊदी अरब ने राजधानी रियाद के पास कई ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, जबकि कुवैत ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने की जानकारी दी है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के ईंधन टैंकों पर ड्रोन हमले के बाद आग लगने की खबर भी सामने आई है।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग भी दोहराई और कहा कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर लेता।
मानवीय स्थिति भी तेजी से बिगड़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग एक लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
इस बीच चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने कहा कि अमेरिका-इज़राइल का ईरान के खिलाफ युद्ध “कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था” और उन्होंने तुरंत युद्धविराम और बातचीत की अपील की है।
कुल मिलाकर, जब दुनिया के कई हिस्सों में लोग आराम कर रहे थे, उसी समय मध्य-पूर्व में युद्ध की आग और भड़कती जा रही थी। कई देश इस संघर्ष में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल होते दिख रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है।
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