B2B मार्केट में हिंदुस्तान जिंक का बड़ा दांव: HZAPL को मिले 3 अंतरराष्ट्रीय ISO सर्टिफिकेशन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मिलेगी बढ़त

ISO 9001, 14001 और 45001 प्रमाणन से वैल्यू-एडेड जिंक अलॉय सेगमेंट में HZL की स्थिति हुई मजबूत; प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटोमेटिव सेक्टर में बढ़ेगी सप्लाई

उदयपुर/नई दिल्ली,

वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) की शत-प्रतिशत स्वामित्व वाली इकाई हिंदुस्तान जिंक अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड (HZAPL) ने अपने औद्योगिक मानकों को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को गुणवत्ता (QMS), पर्यावरण प्रबंधन (EMS) और कार्यस्थल सुरक्षा (OHSMS) के लिए एक साथ तीन प्रतिष्ठित आईएसओ सर्टिफिकेशन प्राप्त हुए हैं:

  • ISO 9001:2015 (गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली)

  • ISO 14001:2015 (पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली)

  • ISO 45001:2018 (व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा)

कड़े थर्ड-पार्टी ऑडिट और व्यापक मूल्यांकन के बाद मिले ये अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र HZAPL की उत्पादन प्रक्रियाओं, मजबूत सप्लाई चेन और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को प्रमाणित करते हैं।

वैल्यू-एडेड पोर्टफोलियो को मिलेगा बढ़ावा (Market Impact)

वैश्विक बाजारों में मूल्यवर्धित (Value-Added) धातुओं की बढ़ती मांग के बीच HZAPL का यह कदम कंपनी के मार्जिन और मार्केट शेयर को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। HZAPL मुख्य रूप से उच्च-स्तरीय जिंक-आधारित अलॉय—HZDA 3 और HZDA 5—का निर्माण करती है, जिनका उपयोग प्रिसिजन इंजीनियरिंग, ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में व्यापक रूप से होता है।

दोनों ही उत्पादों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का प्रमाणन पहले से हासिल है। इन नए आईएसओ सर्टिफिकेशन्स के बाद कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कस्टमाइज्ड अलॉय सोल्यूशंस (Customized Alloy Solutions) की सप्लाई के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ गई है।

“ऑपरेशनल एक्सीलेंस और सस्टेनेबिलिटी हमारी प्राथमिकता”: अमरेन्दु प्रकाश, सीईओ (HZL)

मामले पर टिप्पणी करते हुए हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमरेन्दु प्रकाश ने कहा-“ग्लोबल बी2बी (B2B) मार्केट में उत्पादन की उत्कृष्टता केवल अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता से नहीं, बल्कि उसके पीछे काम कर रही पारदर्शी और टिकाऊ प्रणालियों से तय होती है। ISO 9001, 14001 और 45001 सर्टिफिकेशन हमारी गुणवत्ता, पर्यावरण सुरक्षा और ‘जीरो हार्म’ संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। ये मानक हमारे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों और व्यावसायिक साझेदारों को उच्च प्रदर्शन वाले जिंक अलॉय सोल्यूशंस देने की क्षमता को और मजबूत करेंगे।”

ESG और सप्लाई चेन रेजिलिएंस पर फोकस (Business Perspective)

वर्तमान में वैश्विक सप्लाई चेन में ESG (पर्यावरणीय, सामाजिक और गवर्नेंस) मानकों पर अत्यधिक ध्यान दिया जा रहा है। वैश्विक खरीदार अब ऐसे मेटल प्रदाताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं जो जिम्मेदार उत्पादन (Responsible Sourcing) और लो-कार्बन तकनीकों को अपनाते हैं।

यह उपलब्धि हिंदुस्तान जिंक के व्यापक उत्पाद पोर्टफोलियो—जिसमें रिफाइंड जिंक, लेड, सिल्वर, कस्टमाइज्ड अलॉय और कंपनी का लो-कार्बन जिंक ब्रांड ‘ईकोजे़न’ (EcoZen) शामिल हैं—की कमर्शियल वैल्यू को बढ़ाएगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से कंपनी को ऑटो और प्रिसिजन कंपोनेंट निर्माताओं के साथ दीर्घकालिक अनुबंध (Long-term Contracts) हासिल करने में मदद मिलेगी।

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