
उदयपुर। कल्पना कीजिए कि आप एक घने, स्याह अंधेरे जंगल के बीच से गुजर रहे हैं और अचानक सन्नाटे को चीरती हुई किसी पाज़ेब की छन… छन… की आवाज आपका पीछा करने लगे। उस पल आपके दिल की धड़कनें क्या रुख अख्तियार करेंगी? या फिर उस मंजर के बारे में सोचिए जब आप हाथ में एक ऐसी बंदूक लेकर बैठे हों जिसमें एक भी गोली न हो, और महज कुछ फीट की दूरी पर एक आदमखोर बघेरा आपको अपनी आगोश में लेने के लिए तैयार खड़ा हो। कुछ ऐसा ही खौफनाक और हैरतअंगेज मंजर सामने आता है जब हम पर्यावरणविद् रज़ा एच. तहसीन और आरिफ़ा तहसीन द्वारा लिखी गई नई हिंदी किताब के पन्नों को पलटते हैं। इस किताब का अनुवाद वरिष्ठ पत्रकार हिमालय तहसीन ने किया है।
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वर्ष 2026 में प्रकाशित हुआ 149 पृष्ठों का यह पहला संस्करण महज एक किताब नहीं, बल्कि बीते दौर के उस जंगल का जीवंत दस्तावेज है, जहां इंसान और जंगली जानवर सह-अस्तित्व के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। एक तरफ जहां इंसान अपनी आधुनिकता और साधनों से लैस हो रहा था, वहीं दूसरी ओर बाघ-बघेरों से आबाद वह विराट, सम्मोहित करती हरीतिमा उसे लगातार विस्मित भी कर रही थी।
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इस किताब की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह केवल दिल दहला देने वाले रोमांच का इतिवृत्त नहीं रचती। यह उन भूतिया और रहस्यमयी दास्तानों के पीछे का सच भी उजागर करती है, जिन्हें ग्रामीण अंचलों में अक्सर अंधविश्वास मान लिया जाता है। उदाहरण के लिए, जिस कुएं में किसी को आत्महत्या करते देखा गया हो, वहां रात के सन्नाटे में रहट चलने की रहस्यमयी आवाजें क्यों आती हैं, जबकि रहट अपनी जगह पर पूरी तरह स्थिर हो? ऐसे कई अनसुलझे मिथकों को यह किताब बहुत ही तार्किक और असरदार विषय-वस्तु के साथ तोड़ती है।
कहानी के रूप में आगे बढ़ती यह पुस्तक पाठकों को कभी हल्के-फुल्के तो कभी बेहद गंभीर मोड़ों पर ले जाती है। यह इंसानी मनोविज्ञान की उस गहरी परत को भी छूती है, जिससे यह समझ आता है कि कल तक जो लोग जंगलों में बंदूक लेकर शिकार की तलाश में घूमते थे, वे आखिरकार कैसे आगे चलकर प्रकृति के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित संरक्षककर्ता बन गए।
सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए बेहद सहज और पेपरबैक बाइंडिंग में उपलब्ध यह किताब प्रकृति, इंसानी डर और वन्यजीवों के आपसी रिश्तों को समझने का एक बेहतरीन जरिया है। 978-93-6719-467-6 (ISBN) कोड के साथ आने वाली यह कृति निश्चित रूप से हर उस पाठक को सम्मोहित कर लेगी जो रोमांच और सच के अनोखे संगम को महसूस करना चाहता है।
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