
उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय में छात्र संघ द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया जहां मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उदयपुर के पूर्व सीएमएचओ उदयपुर डॉ दिनेश खराडी ने बताया कि इस पृथ्वी पर आदिवासी ही है जो प्रकृति का असली रक्षक है जिसका पर्यावरण को सहेजने में बहुत बड़ा योगदान रहता है।

डॉ. खराडी ने बताया की संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने के पीछे भी यही उद्देश्य है कि अगर प्रकृति का संरक्षण करना है तो आदिवासियो का भी संरक्षण करना होगा । इस अवसर पर डॉ. ख़राडी में छात्रो को बताया की सकारात्मक सोच के साथ अपने सपनों को ऊँचा रखें तथा उसको पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहे साथ ही अपने माँ बाप तथा अपने समाज को ना भूले एवं जहां भी जैसे भी मौक़ा मिले समाज को आगे लाने का काम करे।

विशिष्ठ अतिथि के रूप में बोलते हुये उदयपुर ज़िले के ज़िला वन अधिकारी अशोक कुमार मीना ने बताया कि समाज की प्रगति करने के साथ साथ आदिवासी संस्कृति को भी सहेजने की बहुत आवश्यकता हैं । उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज को फ़ालतू आडंबरों में पड़ने की ज़रूरत नहीं है तथा आदिवासी संस्कृति को ही अपनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

विशिष्ठ अतिथि के रूप में बोलते हुये वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी एल मीणा ने बताया कि आज आदिवासी भाई जो मुख्य धारा से वंचित है उनको मुख्यधारा में लाना होगा ।
कृषि वैज्ञानिक श्री रोशन लाल मीना ने अपने संबोधन में बताया कि बाबा साहब द्वारा अपने अथक प्रयास से संविधान का निर्माण किया गया अतः हमें उनके द्वारा बतलाये गये मार्ग पर चलना है ।

सीटीएई कॉलेज के प्रोफेसर श्री एस एस मीना ने बताया की शिक्षा ही एकमात्र रास्ता हैं जिसके माध्यम से आदिवासी समाज का भला हो सकता हैं ।
सीसीएएस कॉलेज की प्रोफेसर सुमित्रा मीना ने अपने उद्बोधन में बताया कि आदिवासी समाज को आगे लाना है तो आदिवासी महिलाओं को भी साथ लाना होगा क्योंकि आदिवासी महिलायें आदिवासी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देती है ।
कार्यक्रम में छात्रो द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमे आदिवासी गानो एवं लोकगीतों पर नृत्य किया गया । ग़ैर नृत्य ने सभी का मन मोह लिया ।पूर्वी राजस्थान के मीनाओ के स्थानीय गीतों पर भी छात्रों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसने खूब तालीया बटोरी ।
इस अवसर पर डॉ. खराडी को भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई ।
इस कार्यक्रम के अवसर आरएनटी मेडिकल कॉलेज के डॉ मुनिराम मीना, सीनियर टेक्निकल ऑफिसर डॉ. अजीत मीना, आरसीए के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरि सिंह मीना , समाजसेवी आकाश कलासुया ,आरसीए कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह सारंगदेवोत उपस्थित रहे ।

कार्यक्रम का संचालन सुश्री आरुषि ख़मेसरा ,सुश्री प्रांजल सिंह एवं जितेंद्र कुमार मीना एवं निशाकर सिंह मीणा ने किया ।
इस अवसर पर राजस्थान स्टेट पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड उदयपुर द्वारा कुल 2100 पौधे प्रदान किए गये जिसमें से विश्वविधालय परिसर में अतिथियों एवं छात्रो द्वारा 100 पौधे लगाये तथा 2000 पौधों को छात्रो द्वारा आस पास के गावो में जाकर छात्रो द्वारा किसानों के साथ मिलकर पौधारोपण का संकल्प लिया ।
कार्यक्रम की रूपरेखा रामलखन, निशाकर सिंह मीना, हरि मोहन मीना, पवन अहारी, तपेश दूदावत, अजय तंवर,प्रदीप सेहरा,आमिर सोहेल, अजय मीना , कल्पना पटेल एवं समस्त एमपीयूएटी के छात्र थे ।
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