
लाहौर। चैंपियंस ट्रॉफी-2025 में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी, जिससे पाकिस्तानी फैंस भड़क उठे। लाहौर की गलियों से लेकर टीवी स्टूडियो तक, हर जगह टीम की हार को लेकर नाराज़गी देखने को मिली।
लाहौर के एक होटल में काम करने वाले मोहम्मद इक़बाल ने कहा, “टीम में सिफ़ारिश से खिलाड़ी आ रहे हैं, इसलिए हम हार रहे हैं।” वहीं बिजनेसमैन मुबारिक ने आरोप लगाया, “हर कोई अपनी टशन दिखा रहा है, पर प्रदर्शन नहीं कर रहा।”
भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान लाहौर की गलियां सूनी हो गईं, लेकिन जैसे ही विराट कोहली ने चौके के साथ शतक पूरा किया, प्रेस क्लब में सन्नाटा पसर गया।
पाकिस्तानी दिग्गजों का फूटा ग़ुस्सा
वसीम अकरम ने कहा, “अब बहुत हो गया, हमें कठोर फ़ैसले लेने होंगे। हमें युवा और निडर खिलाड़ियों की ज़रूरत है। पाकिस्तान की गेंदबाज़ी और कप्तानी दोनों ही शर्मनाक थीं।” शोएब अख़्तर बोले, “अब तो मुझे लगता है कि टीम में स्किल ही नहीं है। कप्तानी भी बिना दिमाग़ की हो रही है।”
वक़ार यूनुस ने हार का कारण बताते हुए कहा, “रिज़वान और साऊद शकील की 104 रन की साझेदारी ही हार का सबसे बड़ा कारण थी। 24 ओवर खेले और सिर्फ़ 104 रन बनाए, ऐसे वनडे क्रिकेट नहीं जीता जाता।”
रमीज़ रज़ा का तंज़- भारत अब हमें गंभीरता से नहीं लेता
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पीसीबी के पूर्व चेयरमैन रमीज़ रज़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “भारत से हार हमेशा दर्दनाक होती है, लेकिन सबसे ज़्यादा तकलीफ़ की बात यह है कि अब भारत हमें ज़्यादा गंभीरता से नहीं लेता।”
क्या पाकिस्तान टीम में बड़े बदलाव होंगे?
इस करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर दवाब बढ़ गया है। अब देखना होगा कि वसीम अकरम की सलाह मानी जाती है या फिर वही पुराने खिलाड़ी अगले मैच में फिर से उतरते हैं।
About Author
You may also like
प्री-प्रेस कांफ्रेंस न्यूज : उदयपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित नेतृत्व की संयुक्त प्रेस वार्ता थोड़ी देर में : शहर के विकास पर क्या है विजन? आपके सवाल हमें भेजिए, हम मांगेंगे जवाब
Virat Kohli Scripts Another Major Record, Becomes First Batter in the World to Achieve This Milestone
सिलेंडर की ब्लैक-मार्केटिंग से दो करोड़ की घूस का खेल’: उदयपुर के महाघोटाले का नेक्सस, बिग बुल और हमारी लाचार व्यवस्था
कुर्सी, कौम और कर्तव्य : उदयपुर में नवनिर्वाचित पार्षद योगेश कुमावत का भव्य अभिनंदन
तीस बरस का सफर और लेंस में कैद मेवाड़ : फोटो जर्नलिस्ट कमल कुमावत की नज़र से झीलों की नगरी का जादुई संसार
