
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बाहर अभी शांति है, लेकिन यह वही खामोशी थी जो तूफान के आने से पहले होती है। स्टेडियम के चारों ओर लंबी कतारें हैं। भारतीय और पाकिस्तानी फैंस अपने-अपने झंडे हाथ में लिए स्टेडियम के अंदर जाने का इंतजार कर रहे हैं।
गर्मी के बावजूद जोश में कोई कमी नहीं है। कोई विराट कोहली के नाम के नारे लगा रहा है, तो कोई बाबर आजम का पोस्टर हाथ में लिए खड़ा है। भारतीय समर्थकों की टोली में शामिल रोहित माथुर ने कहा, “भाई, इस बार पाकिस्तान को छोड़ेगे नहीं।
वहीं दूसरी तरफ, लाहौर से आए गुलरेज अपने दोस्तों के साथ खड़े होकर तिरछी मुस्कान के साथ बोले, “अभी तो टॉस भी नहीं हुआ है, और तुमने मैच जीत भी लिया?” उनके पीछे खड़ा नबीद चिल्लाया।

ड्रेसिंग रूम में रणनीति की गूंज
स्टेडियम के अंदर, दोनों टीमों के ड्रेसिंग रूम में हलचल तेज हो रही है। भारत के बल्लेबाज रोहित शर्मा अपने खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने से पहले आखिरी रणनीति समझाने में लगे हैं। “पहले 10 ओवरों में विकेट बचानी है, फिर खेल खुलकर खेलना है!” शुभमन गिल ने अपनी किट तैयार कर ली है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम भी किसी हाल में हार मानने को तैयार नहीं है। बाबर आजम टीम के खिलाड़ियों को समझा रहे हैं, “इस बार हमें धैर्य रखना होगा। हमें पिछले मैच की गलतियां नहीं दोहरानी हैं।”
फैंस का जुनून, मैदान के बाहर भी मुकाबला
स्टेडियम के बाहर भी एक अलग मुकाबला है—नारेबाजी का। एक तरफ भारतीय समर्थक “भारत माता की जय!” के नारे लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर पाकिस्तानी फैंस जोर-जोर से “जीतेगा भाई जीतेगा, पाकिस्तान जीतेगा!” का शोर मचा रहे हैं।
स्टेडियम के एक कोने में खड़े अब्दुल्ला फजल ने कैमरे की ओर देखकर कहा, “यार, मैं विराट कोहली का बहुत बड़ा फैन हूं। काश इंडिया पाकिस्तान खेलने पाकिस्तान आता!” लोग जानते हैं कि मुकाबला क्रिकेट का है, पर प्यार और जुनून दोनों तरफ एक जैसा है।
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