
तिरुवनंतपुरम। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शेफाली ने नाबाद 79 रन की पारी खेलकर श्रीलंका के खिलाफ टी20 फॉर्मेट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाली भारतीय महिला बल्लेबाज़ बन गईं।
शेफाली ने 42 गेंदों में 3 छक्कों और 11 चौकों की मदद से यह पारी खेली। इसके साथ ही उन्होंने जेमिमा रोड्रिग्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 1 अक्टूबर 2022 को सिलहट में श्रीलंका के खिलाफ 53 गेंदों पर 76 रन बनाए थे, जिसमें 1 छक्का और 11 चौके शामिल थे।
गौरतलब है कि इसी सीरीज में जेमिमा रोड्रिग्स और शेफाली वर्मा दोनों ने नाबाद 69-69 रनों की पारियां भी खेली थीं। जेमिमा ने यह उपलब्धि पहले टी20 मैच में हासिल की थी, जबकि शेफाली ने दूसरे मुकाबले में यह कारनामा किया था।
तीसरे टी20 मैच में श्रीलंका की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 112 रन ही बना सकी। इमेशा दुलानी ने सर्वाधिक 27 रन बनाए, जबकि हसिनी परेरा ने 25 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से रेणुका सिंह ने 4 विकेट झटके, वहीं दीप्ति शर्मा को 3 सफलताएं मिलीं।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 13.2 ओवरों में ही जीत दर्ज कर ली। शेफाली वर्मा के नाबाद 79 रनों के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 21 रन बनाए। श्रीलंका की ओर से दोनों विकेट कविशा दिलहारी ने लिए।
भारत ने इससे पहले पहला मुकाबला 8 विकेट और दूसरा मैच 7 विकेट से जीतकर पहले ही सीरीज में बढ़त बना ली थी। तीसरा मुकाबला हारने के साथ ही श्रीलंका ने सीरीज भी गंवा दी है। अब सीरीज के शेष मुकाबले 28 और 30 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम के इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
About Author
You may also like
IPL 2026 : Sai Sudharsan Creates History, Becomes Fastest Batter to Complete 3,000 T20 Runs
भारत-नीदरलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय: पीएम मोदी और डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता, जानिए इस दौरे की प्रमुख बातें
कोटा डिवीजन में बड़ा रेल हादसा टला : राजधानी एक्सप्रेस के कोच में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे यात्री, मची अफरातफरी
CM Suvendu Adhikari Meets Mithun Chakraborty at His Residence
NEET पेपर लीक : सपनों के सौदागर ने लूटा लाखों छात्रों का भविष्य, क्या व्यवस्था की सड़ांध ही बनेगी युवाओं का काल?
