
कोलकाता से जयपुर तक फैला अंतरराज्यीय नेटवर्क ध्वस्त

जयपुर। स्टेट जीएसटी की प्रवर्तन शाखा ने जयपुर एयरपोर्ट पर कर चोरी के खिलाफ सीधा वार करते हुए हवाई कार्गो के जरिए चल रहे करोड़ों रुपये के अवैध ज्वैलरी कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में सोना, नेचुरल डायमंड और हीरा ज्वैलरी की भारी खेप जब्त की गई है, जिससे जयपुर के ज्वैलरी कारोबार में खलबली मच गई है।
मुख्य आयुक्त कर विभाग कुमार पाल गौतम के निर्देश पर प्रवर्तन शाखा-I ने 06 जनवरी को यह कार्रवाई की। विभाग को पुख्ता सूचना मिली थी कि कोलकाता से जयपुर तक बिना वैध दस्तावेजों के बुलियन और ज्वैलरी भेजी जा रही है, जिससे सरकार को करोड़ों का जीएसटी चूना लगाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही प्रवर्तन दल ने कई दिनों तक लगातार रेकी की, कूरियर चैनल पर नजर रखी और पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की मैपिंग की। जैसे ही घरेलू हवाई अड्डे से कूरियर के माध्यम से ज्वैलरी से भरे पार्सल रवाना हुए, टीम ने घेराबंदी कर बिना दस्तावेजों के माल को मौके पर ही जब्त कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि संगठित कर चोरी का सिस्टम था, जिसमें कूरियर, व्यापारी और सप्लाई चेन की कई कड़ियां शामिल थीं। जब्त ज्वैलरी का बाजार मूल्यांकन कर भारी जीएसटी, पेनल्टी और जुर्माना वसूला जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राज्य जीएसटी विभाग ने कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रखी है। इसी नीति के तहत प्रवर्तन शाखा लगातार बड़े नेटवर्क पर वार कर रही है और साफ संदेश दे रही है—अब टैक्स चोरी पर कोई नरमी नहीं।
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