31 अक्टूबर को प्रातः 6 बजे गांधी सर्किल से होगी पदयात्रा की शुरुआत
जयपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में युवा मामले एवं खेल विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर में ‘एकता मार्च’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह मार्च 31 अक्टूबर को प्रातः 6 बजे गांधी सर्किल से प्रारंभ होकर बिड़ला मंदिर, रामबाग, अंबेडकर सर्किल होते हुए अमर जवान ज्योति तक निकाला जाएगा।
विभाग के शासन सचिव डॉ. नीरज कुमार पवन ने बताया कि इस एकता मार्च का उद्देश्य ‘राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना’ को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे, जिनमें विशिष्टजन, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र, एनएसएस व एनसीसी स्वयंसेवक, युवा लीडर, पुलिस, आरएसी, होमगार्ड, कर्मचारी संघों के सदस्य, एनजीओ प्रतिनिधि तथा राजकीय कार्मिक शामिल रहेंगे।
डॉ. पवन ने सोमवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एकता मार्च के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रतिभागियों के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, परिवहन, सुरक्षा और पार्किंग जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करें।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सरदार पटेल के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जा सके।
बैठक में जिला प्रशासन, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, डीओआईटी, पर्यटन विभाग, नगर निगम ग्रेटर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, स्काउट एवं गाइड संगठन, और हायर एजुकेशन विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
About Author
You may also like
पीएम आवास ग्रामीण, अटल प्रगति पथ और अटल ज्ञान केंद्रों का काम गुणवत्ता के साथ समय पर हो पूरा: सीएम भजनलाल शर्मा
लोकतंत्र को तबाह करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, ज्ञानेश कुमार सरकारी गवाह बनें : इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी का तीखा हमला
मगर पारस की बेचैनी को इसी कुर्सी ने समझा है…जिसे बरसों की तपस्या के बाद आज पारस ने संभाला है
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 : भाजपा ने प्रत्याशियों को जारी किया कड़ा निर्देश, 28 सितंबर तक चुनाव खर्च का ब्योरा देना अनिवार्य
उदयपुर नगर निगम डिप्टी मेयर चुनाव : एक वोट का रहस्य और ब्राह्मण सियासत का ढलता सूरज

