राजस्थान में एसीबी का बड़ा एक्शन : भीलवाड़ा, डूंगरपुर और डीडवाना में रिश्वत लेते तीन अधिकारी और दो दलाल गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्यवाही करते हुए भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। भीलवाड़ा, डूंगरपुर और डीडवाना-कुचामन में जाल बिछाकर एसीबी की टीमों ने एक अधिशाषी अभियंता, एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) और एक सहायक रजिस्ट्रार सहित पांच लोगों को लाखों रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है।

 

भीलवाड़ा : अधिशाषी अभियंता और ठेकेदार 4.04 लाख की रिश्वत के साथ पकड़े गए

एसीबी भीलवाड़ा-प्रथम चौकी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में जाल बिछाकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), शाहपुरा के अधिशाषी अभियंता शहजाद मोहम्मद को 4,04,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

मिलीभगत: आरोपी अभियंता ठेकेदारों से उनके द्वारा किए गए कार्यों के बदले स्वयं के लिए और अधीक्षण अभियंता खेमचंद मीणा के लिए रिश्वत का कलेक्शन कर रहा था।

अन्य गिरफ्तारियां: लेनदेन के दौरान ठेकेदार मोडूराम धाकड़ और बनवारीलाल को भी गिरफ्तार किया गया है। वर्तमान में आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी जारी है।

 

डूंगरपुर : साइबर पुलिस थाने का एएसआई और पूर्व पार्षद गिरफ्तार

डूंगरपुर इकाई ने कार्यवाही करते हुए साइबर पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक (ASI) मदनलाल और दलाल डायालाल पाटीदार (पूर्व पार्षद) को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

मामला: आरोपी एएसआई ने परिवादी को धोखाधड़ी के मामले में फंसाने और उसकी बेटी व जमाई का नाम मुकदमे से निकालने की धमकी देकर रिश्वत मांगी थी।

ट्रैप: सत्यापन के बाद, दलाल डायालाल पाटीदार को एएसआई मदनलाल के लिए 1,00,000 रुपये लेते हुए पकड़ा गया।

डीडवाना-कुचामन: सहायक रजिस्ट्रार एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

एसीबी (एसयू) अजमेर इकाई ने डीडवाना-कुचामन में सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

रिश्वत का कारण: आरोपी ने परिवादी को गबन के आरोपों में जारी किए गए नोटिसों का फैसला उसके पक्ष में करने की एवज में इस राशि की मांग की थी।

कार्यवाही: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वन्दना भाटी के निर्देशन में टीम ने ट्रैप आयोजित कर आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया।

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।

 

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