
जयपुर/चित्तौड़गढ़।
राजस्थान की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब सहकारिता मंत्री गौतम दक का एक कथित ऑडियो सामने आया, जिसमें वे पुलिसकर्मियों को मां-बहन की गालियां देते और धमकाते सुनाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि मंत्री अपने एक कार्यकर्ता से कथित वसूली की शिकायत पर नाराज होकर डूंगला थाने पहुंचे थे, जहां उन्होंने एसएचओ और दो कांस्टेबलों को जमकर फटकार लगाई।
बताया जा रहा है कि सोमवार 25 मई को मंत्री गौतम दक डूंगला थाने पहुंचे और थानाधिकारी शैतान सिंह समेत कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु को बाहर बुलाया। वहां हुई बातचीत का करीब तीन मिनट का ऑडियो अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि इस दौरान मंत्री ने बार-बार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पुलिसकर्मियों को नौकरी खराब करने तक की धमकी दे डाली।
ऑडियो में मंत्री कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि “एक भी आदमी से पैसे मांगे और मुझे पता चल गया तो यहीं इलाज करेंगे… नौकरी खराब करना मुझे भी आता है।” बातचीत के दौरान वे पुलिसकर्मियों को बोलने का मौका तक नहीं देते दिखाई देते हैं। आरोप है कि पूरे ऑडियो में कई बार गालियां दी गईं।
इतना ही नहीं, मंत्री ने थानाधिकारी को भी चेतावनी देते हुए कहा कि “मेरे इलाके के लोगों से चोट्टागिरी करने के लिए यहां नहीं लाए हैं।” वहीं एक कांस्टेबल को खुलेआम चुनौती देते हुए कहा गया कि “एक हजार आदमी लेकर आऊंगा और यहीं इलाज करूंगा।”
हालांकि मामले ने तूल पकड़ने के बाद मंत्री गौतम दक ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं लगती। उन्होंने सीधे तौर पर ऑडियो की पुष्टि नहीं की।
दूसरी ओर, पुलिसकर्मी खुलकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। थानाधिकारी शैतान सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि मंत्री किसी बात से नाराज थे। वहीं कांस्टेबल विष्णु ने कहा कि “सीआई साहब की नहीं सुनी तो हमारी कौन सुनता। हमें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं मिला।”
इस पूरे घटनाक्रम ने सत्ता और पुलिस के रिश्तों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष भी अब इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकता है।
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