
जयपुर/बालोतरा/कोटा।
राजस्थान के दो अलग-अलग जिलों से गुरुवार को बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हादसों की खबरें सामने आईं। बाड़मेर-जोधपुर नेशनल हाईवे पर बालोतरा जिले में एक तेज रफ्तार बोलेरो का टायर फटने से मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जो अजमेर दरगाह से जियारत कर लौट रहे थे। वहीं दूसरी ओर, कोटा जिले के दरा घाटी में नेशनल हाईवे-52 पर एक निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास का निरीक्षण कर रहे दो इंजीनियरों की मिट्टी ढहने से मलबे में दबकर मौत हो गई। दोनों ही घटनाओं से प्रदेश में शोक की लहर है।
पहला हादसा : बालोतरा में पलटी बोलेरो, खाई में गिरने से 4 अकीदतमंदों की मौत
बालोतरा जिले के पचपदरा थाना क्षेत्र स्थित भाडियावास गांव के पास गुरुवार शाम करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बाड़मेर के चौहटन (कोनरा विलायतशाह) निवासी 8 ग्रामीण ईद के पावन मौके पर अजमेर शरीफ दरगाह में जियारत करने गए थे। वहां से वापस लौटते समय उनकी तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी का अचानक टायर ब्लास्ट हो गया। रफ्तार अधिक होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी बेकाबू होकर पलटते हुए सड़क से करीब 10 फीट नीचे खाई में जा गिरी।
मौके पर मची चीख-पुकार, अस्पताल में दम तोड़ा:
हादसे की सूचना पर पचपदरा थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ी में फंसे घायलों को बालोतरा के नाहटा जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने 3 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो गंभीर घायलों को जोधपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया।
मृतक: रहमत (52) पत्नी नूर मोहम्मद, उनका 8 वर्षीय मासूम बेटा अरशद, कादर खान (35) और हबीब खान (45)।
घायल: काजे खां, रजाक खान और सवाई खान का अस्पताल में उपचार जारी है। परिजनों के पहुंचने के बाद शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
दूसरा हादसा : कोटा में अंडरपास निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, मलबे में दबे 2 इंजीनियर
दूसरी दुखद घटना कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे-52 पर दरा घाटी (दरा की नाल) के पास की है, जहां निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास (आरयूबी) की मिट्टी ढहने से दो सीनियर इंजीनियरों की जान चली गई। कनवास एसडीएम बाबूलाल मीणा के मुताबिक, लेबर अपना काम खत्म करके जा चुकी थी। इसी दौरान साइट पर मौजूद दो इंजीनियर—प्रभात सिंह झा और पंकज कुमार झा—कार्य का जायजा लेने के लिए नीचे उतरे थे। तभी अचानक ऊपर से भारी मात्रा में मिट्टी भरभराकर उनके ऊपर गिर गई और दोनों अधिकारी मलबे में पूरी तरह दब गए।
जेसीबी से 15 मिनट में निकाला बाहर, पर नहीं बची जान:
सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल 10 मिनट में मौके पर पहुंचा। निर्माण स्थल पर खड़ी जेसीबी और एलएनटी मशीनों की मदद से करीब 15 मिनट की भारी मशक्कत के बाद दोनों इंजीनियरों को बाहर निकाला गया। हालांकि, प्रभात सिंह झा की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं गंभीर रूप से घायल पंकज कुमार झा को तुरंत कोटा के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
जाम से मुक्ति के लिए बन रहा है ₹9.98 करोड़ का प्रोजेक्ट:
गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा 9.98 करोड़ रुपए की लागत से इस रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बरसात के दिनों में मध्य प्रदेश से आने वाले वाहनों को दरा घाटी में लगने वाले 10-12 घंटे के भीषण जाम से मुक्ति दिलाना था, लेकिन इस विकास कार्य के बीच यह बड़ा हादसा घटित हो गया। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
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