लोकसभा आम चुनावों के लिए प्रदेश में 5.32 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत


18-19 आयु वर्ग में 15 लाख से अधिक युवा मतदाता जोड़े गए
2019 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में 9.48 प्रतिशत की वृद्धि
9.7 प्रतिशत बढ़ी महिला मतदाता, पुरूषों में 9.27 प्रतिशत की वृद्धि
योग्य मतदाता अब भी करा सकते हैं नामांकन
उदयपुर। लोकसभा आम चुनाव 2024 में मतदान के लिए अब तक प्रदेश में 5 करोड़ 32 लाख से ज्यादा मतदाता पंजीकरण करा चुके हैं, जो कि 2019 के लोकसभा आम चुनावों से करीब 46 लाख अधिक है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2024 (एसएसआर 2024)के बाद और आम चुनाव 2024 से पहले निर्वाचन विभाग, राजस्थान ने 1 जनवरी, 2024 की अर्हता तिथि के संदर्भ में 8 फरवरी 2024 को राज्य के सभी जिलों में 199 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित की। करणपुर-03 विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण के बाद प्रकाशन 13 फरवरी को किया गया। करणपुर में विधानसभा चुनाव-2023 के स्थगित होने के कारण सूची प्रकाशन में देरी हुई। इन सूचियों को अधिकतम समावेशी और शुद्ध बनाने के लिए बेहतर योजना, समन्वय और सभी हितधारकों की भागीदारी के साथ प्रयास किए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भारत का चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदाता सूची तैयार करता है। इस क्रम में आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने के लिए  29 मई, 2023 को 1 जनवरी, 2024 को अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसएसआर) आयोजित करने का आदेश दिया। राजस्थान में 199 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एसएसआर 8 फरवरी, 2024 को आयोजित और समाप्त किया गया है और करणपुर विधानसभा की अंतिम मतदाता सूची को 13 फरवरी को प्रकाशित किया गया है।
श्री गुप्ता ने बताया कि समावेशी, स्वस्थ, शुद्ध और पारदर्शी रूप से तैयार की गई मतदाता सूचियाँ स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव की नींव हैं। यह आयोग की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने के अपने अधिकार से वंचित न रहे और जहां तक संभव हो सके मतदाता सूची त्रुटि मुक्त और बिना किसी डुप्लिकेट और अयोग्य प्रविष्टियों के तैयार हो।
इस क्रम में निर्वाचन विभाग ने संशोधन-पूर्व गतिविधियों पर विशेष जोर दिया, जिसमें एसएसआर गतिविधियों में शामिल सभी क्षेत्रीय अधिकारियों का प्रशिक्षण और बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर गहन सत्यापन शामिल है। सभी गैर-नामांकित पात्र नागरिकों, आगामी अर्हता तिथियों के संदर्भ में संभावित निर्वाचकों, एक से अधिक प्रविष्टियों/मृत निर्वाचकों/स्थायी रूप से स्थानांतरित निर्वाचकों के विषय में मतदाता सूची में सुधार किए गए।

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